उदयपुरा रायसेन। ग्राम पचामा मैं 59 बरसों से मानस सम्मेलन ,सत्संग, सेवा और राम नाम सुमिरन का कार्य निरंतर चल रहा है और पूरा अंचल राम कथा रूपी मंदाकिनी में डुबकी लगा रहा है उल्लेखनीय है कि विगत 59 वर्षों से पचामा ग्राम का प्रतिष्ठित रघुवंशी परिवार निरंतर इस मानस सम्मेलन आयोजित करा रहा है और इस वर्ष भी नर्मदांचल क्षेत्र के महान संत और विद्वान स्वामी सदाशिव नित्यानंद गिरी जी महाराज के मुखारविंद से कोई एक सप्ताह तक रामचरितमानस पर निरंतर प्रवचन होंगे आज प्रारंभ दिवस पर विशाल शोभायात्रा निकाली गई इससे पूर्व होटल उदय पैलेस में पूज्य स्वामी जी का सैकड़ो भक्तजनों द्वारा श्रद्धा पूर्वक सम्मान किया गया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने अपने संक्षिप्त और सारगर्वित उद्बोधन में रामचरितमानस को एक महान ग्रंथ बताते हुए कहां की मानस एक ऐसा ग्रंथ है जिसे एक चरवाहा व्यक्ति भी उससे सीख लेता है उसे पसंद करता है और दूसरी ओर बड़े-बड़े विद्वान और शंकराचार्य भी रामचरितमानस में अपनी ज्ञानपिपाशा शांत करते हैं मानस में हमारे सनातन संस्कृति के सभी महान ग्रंथो का निचोड़ मौजूद है और इससे संपूर्ण मानव समाज लाभान्वित हो रहा है मानस के पढ़ने से व्यक्ति के मन को शांति मिलती है होटल उदय पैलेस में पूज्य गुरु जी के स्वागत सम्मान समारोह का संचालन प्रकाश नारायण राय द्वारा किया गया और आभार प्रदर्शन कथा यजमान चतुर नारायण रघुवंशी ने किया।
धार्मिक उत्सव और उल्लास के माहौल में भव्य और दिव्य शोभायात्रा का शुभारंभ होटल उदय पैलेस उदयपुरा से प्रारंभ होकर ग्राम पचामा स्थित काली मंदिर प्रांगण पहुंची शोभायात्रा मार्ग में नगर वासियों और ग्राम वासियों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर पूजा गुरुजी का तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया बैंड बाजे डीजे और सैकड़ो वाहनों की लंबी कतार के साथ शोभायात्रा कथा स्थल पर पहुंची जहां पर संत प्रवर पूज्य गुरुदेव नित्यानंद गिरी जी महाराज के मुखारविंद से विधिवत राम कथा प्रारंभ हुई इस मौके पर श्रद्धा और भक्ति भाव से सैकड़ो भक्त जिन्होंने कथा का श्रवण करते हुए पुण्य लाभ प्राप्त किया।

पूज्य स्वामी जी के स्वागत सम्मान में बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी जनों के साथ व्यापार महासंघ अध्यक्ष संदीप बिश्नोई हिंदू उत्सव समिति पूर्व अध्यक्ष श्री राम रघुवंशी व्यापार महासंघ पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल जैन वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर प्रताप भानु शर्मा प्रकाश नारायण राय शैलेश जी खरे दामोदरदास धाकड़ यशपाल लोधी कथा यजमान चतुर नारायण जी रघुवंशी कविंद्र रघुवंशी सुंदर शर्मा जी सहित बड़ी संख्या में ग्राम पचामा और आसपास ग्राम के लोग मौजूद थे।