-कैंडिल मार्च निकाला शासकीय स्कूलों आंगनवाड़ी केंद्रों पर दिलाई सपथ
रायसेन/मंडीदीप।औद्योगिक नगर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए शुक्रवार को शासकीय बालिका हायर सेकेंडरी स्कूल और मिडिल स्कूल में बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत की संकल्प दिलाया गया शाम को हॉकी खिलाड़ी बालिकाओं ने कैंडल मार्च निकाला और 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करने का संकल्प लिया यह अभियान महिला बाल विकास शिक्षा विभाग और कृषक सहयोग संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

महिला बाल विकास ओबेदुल्लागंज परियोजना अधिकारी गिरीश चौहान ने बताया कि 1 वर्ष पूर्व 27 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री ने सघन रूप से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी आज उसका 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शिवनारायण चौहान ने बालिकाओं को कहा कि आपके आसपास कहीं भी यदि बाल विवाह होता दिखे तो उसकी सूचना अपने शिक्षक शिक्षिकाओं को जिससे कि समय रहते बाल विवाह रोका जा सके।

कृषक सहयोग संस्थान के जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बालिकाओं को बताया की बाल विवाह सामाजिक बुराई ही नहीं अपराध है। बाल विवाह में संलग्न या सहयोगी प्रत्येक व्यक्ति दंड का भाग है बाल विवाह में सम्मिलित होने वाले सभी लोगों के लिए 2 साल की सजा और एक लाख का जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही संस्था द्वारा बाल यौन शोषण बाल तस्करी और बाल श्रम जैसे मुद्दों पर भी कार्यरत है।

इस अवसर पर स्कूल प्राचार्य प्रतिभा त्रिवेदी,राजकुमारी गुप्ता,आरती शर्मा,एम एम अहिरवार,हॉकी कोच प्रहलाद राठौर सहित दोनों स्कूलों की लगभग 1100 बलिकाओं और 35 खिलाडियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सपथ कार्यक्रम में भाग लिया।