बेगमगंज में फॉरेस्ट का ऑपरेशन चेकबुड रहा सफल,शारिक मछली के मामा के लड़के से पकड़ी लाखों की सागौन की इमारती लकड़ी
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
फॉरेस्ट विभाग का नगर में ऑपरेशन चेकबुड सफल रहा । डीएफओ श्रीमती प्रतिभा शुक्ला के निर्देशानुसार रेंजर अरविंद अहिरवार के मार्गदर्शन में वनकर्मियों की टीम ने कुख्यात शारिक मछली के मामा प्यारे ठेकेदार के पुत्र वनमाफ़िया शकील अहमद जोकि पूर्व में मुस्लिम त्यौहार कमेटी अध्यक्ष रहा है एवं उसके छोटे भाई नवेद अहमद के घर पर स्थित अवैध फर्नीचर कारखाने एवं फॉर्म हॉउस पर छापेमारी करते हुए लाखों रुपए मूल्य का वेशकीमती सागौन की गोलान लकड़ी , एवं फर्नीचर सहित स्टॉक करके रखी गई लाखों रुपए मूल्य की सागौन की लकड़ी जिसमें बहुत मोटे -मोटे बड़े-बड़े कटे हुए पेड़ की सिल्लियां एवं पटिए व चिरान ट्रॉलियां कीमत 5 लाख सहित भारी मात्रा में औजार , मिनी आरामशीन सहित फर्नीचर बनाए की सामग्री जब्त की है।
इसके अतिरिक्त सागर जिले के राहतगढ़ वन परिक्षेत्र से बड़ी मात्रा में सागौन की लकड़ी काटकर तस्करी में लगी एक 5 लाख रुपए मूल्य की क्वालिस जीप भी जब्त की है।
बताया गया है कि ये लकड़ी राहतगढ़ के जंगल से लकड़ी काटकर लाई जाती थी।अवैध सागौन की लकड़ी का कारोबार पिछले 20 वर्षों से दोनों भाइयों के द्वारा किया जा रहा था। राजनीति की आड़ में अब तक यह लोग बचते आ रहे थे लेकिन तेजतर्रार डीएफओ के तीखे तेवरों ने बता दिया कि जिले में अब कुछ गलत नहीं चलेगा।
रेंजर अरविंद अहिरवार ने बताया कि आरोपित शकील अहमद पठान व नवेद पठान पिता अब्दुल कदीर उर्फ प्यारे ठेकेदार के घर पर स्थित फर्नीचर कारखाने एवं पास के फॉर्म हॉउस से करीब 9 घनमीटर मूल्य 5 लाख एवं एक 5 लाख की जीप जिसमें सागौन की कटी हुई गोल लकड़ी रखी थी सहित भारी मात्रा में औजार जब्त किए गए हैं।दोनों आरोपित भाई शकील पठान एवं नवेद पठान फरार हो गए हैं । उनके विरुद्ध वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।