भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट इंटेक का गठन,विरासत संरक्षण के लिए युवाओं को जोड़ा जाएगा
विदिशा। भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट के विदिशा चैप्टर का गठन शहर में किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दीपक खांडेकर (IAS) कार्यक्रम में मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग के अधिकारी संजय मेहरोत्रा, वरिष्ठ पुरातत्वविद् अहमद अली (भोपाल), इतिहासकार गोविंद देवलिया (विदिशा) तथा जैन परमार्थ न्यास से सेठ संजय जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

गठन समारोह में अरविंद श्रीवास्तव को संयोजक और ऋषि जालौरी को सह-संयोजक नियुक्त किया गया। इस अवसर पर इतिहासकार गोविंद देवलिया ने इंटैक (INTACH) के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि “संगठन का उद्देश्य भारतीय धरोहरों का संरक्षण और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। इसके लिए गतिविधियाँ विद्यालयों तक पहुँचनी चाहिए।”
अध्यक्ष दीपक खांडेकर ने कहा कि “आज हम उस स्थिति में हैं, जहाँ हम अपनी धरोहरों के संरक्षण की गंभीर चर्चा कर सकते हैं। हमें अपनी पड़ी हुई सांस्कृतिक संपदा को संजोकर रखना होगा।”

संजय मेहरोत्रा ने कहा कि “युवा पीढ़ी में पुरातत्व और धरोहरों के प्रति जागरूकता लाना बेहद जरूरी है। तभी संरक्षण का भाव समाज में गहराई तक जाएगा।”
वहीं वरिष्ठ पुरातत्वविद् अहमद अली ने विदिशा की प्राचीन विरासत — विजय मंडल और उदयगिरि गुफाओं — का ऐतिहासिक उल्लेख करते हुए बताया कि “बीजामंडल विजयमन्दिर का निर्माण नवमी शताब्दी में पूर्ण हुआ था और यह विदिशा की गौरवशाली पहचान है।”
कार्यक्रम में ए एसपी सर ने भी विचार साझा करते हुए कहा कि “छूटी हुई कड़ियों को जोड़ना जरूरी है। हमारी सांस्कृतिक पहचान को आधार से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए।”
कार्यक्रम का समापन विदिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवाओं की सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ। संचालन श्री अतुल शाह ने किया।

कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक इंटेक,चेप्टर विदिशा (भारतीय विरासत एवं धरोहर सरंक्षण न्यास,) के तत्वावधान में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में ,श्री मनमोहन बंसल,प्रकाश जोशी, अतुल शाह,अरविंद श्रीवास्तव, सुदिन श्रीवास्तव, अभिनय वर्मा, शिवकुमार तिवारी, कैलाश अग्रवाल, उमेश शर्मा, प्रवीण शर्मा, सन्तोष नामदेव, सुरेंद्र राठौर, रामकृष्ण शर्मा, जी एस दांगी,मनोज शर्मा राजकुमार शर्मा, राजकुमार प्रजापति, प्रदीप रघुवंशी
एवं समाजसेवी,धर्मगुरु आदि उपस्थित रहे।