तारकेश्वर शर्मा बम्होरी रायसेन
रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के ग्राम केसली में टीकाकरण के बाद नवजात शिशुओं के बीमार होने और एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जबकि एक नवजात की मौत हो गई हे पांच बीमार हैं

ग्रामीणों का कहना हे कि केसली गांव में नवजात शिशुओं को लगाए गए टीकों के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस दर्दनाक घटना में एक नवजात शिशु की कुछ दिन बाद मौत हो गई है, जबकि पांच अन्य बच्चे बीमार हैं, जिनका परिजन विभिन्न अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं है। परिजनों द्वारा बताया गया है कि बीमार बच्चों में से एक का इलाज भोपाल में किया जा रहा है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है।वहीं परिजनों का आरोप हे कि 5 से 10 मिनट के अंतराल में चार-चार टीका लगा दिए।

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल ग्राम केसली पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों ने विधायक को अपनी दुख भरी दास्तां सुनाते हुए स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों का आरोप है कि मात्र 5 से 10 मिनट के अंतराल में नवजात शिशुओं को चार-चार टीके लगा दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी तबीयत बिगड़ गई और एक चार माह की बच्ची की कुछ दिन बाद जान चली गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, विधायक देवेंद्र पटेल ने मौके पर ही मौजूद तहसीलदार सुधीर शुक्ला को इस पूरे घटनाक्रम की तत्काल जांच करने के आदेश दिए हैं।
यह घटना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की ओर इशारा करती है, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और ज़िम्मेदारी पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
ग्रामीणों और परिजनों ने दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही न हो।