– इंसानों के शरीर में आकर बताते हे सांप क्यों डसा था, लसूडिय़ा परिहार में सौ से अधिक वर्षो से लग रही सांपों की अदालत
– सांपों की अदालत: यहां सौ वर्षों से कांडी की धुन पर हाजिर होते हैं नाग ग्राम लसूडिय़ा परिहार में सालोंं से चली आ रही नागों की अदालत में नाग मानव शरीर में आकर बताते हैं डसने का कारण
अनुराग शर्मा सीहोर
जमाना भले ही चांद और मंगल ग्रह की बात करें पर सीहोर के ग्राम लसूडिय़ा परिहार में आज भी सर्पदंश से पीडि़त लोग स्वस्थ होने के लिए मंदिर में आते है। अब आप इनके इस विश्वास को आस्था कहे या अन्धविश्वास इससे इनको कोई फर्क नही पड़ता है और ये आस्था या अंधविश्वास की प्रथा 100 वर्षो से चली आ रही है। सीहोर के ग्राम लसूडिय़ा परिहार में सालोंं से नागों की अदालत लगती है, जहां पेशी पर नाग स्वयं मानव शरीर में आकर डसने का कारण बताते हैं।
जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर दीपावली के दूसरे दिन पड़वा को यह नजारा देखने को मिल रहा है। कई तो केवल इसी रहस्य को देखने गांव पहुंचे थे। लसूडिय़ा परिहार में स्थित राम मंदिर में दीपावली के दूसरे दिन सांपों की अदालत लगाई गई। इस अदालत में पिछले एक साल में लोगों को विभिन्न कारणों सांप के काटने के कारण को जानने के लिए आयोजन किया जाता है।दीपावली के दूसरे दिन लगने वाली अनोखी अदालत पर सांपों की पेश होकर काटने का कारण बताते है इस के दौरान हजारों लोग यह जानने पहुंचे थे कि आखिर उन्हें सांप ने क्यों काटा। कारण जानने के लिए कांडी की धुन पर भरनी गाकर इन्हे पेशी पर बुलाया गया। इस दौरान पेशी पर पहुंचे सांपों ने शरीर में आकर काटने का कारण बताया गया। ग्राम के नन्दगिरी महाराज की माने तो यहां होने वाली सांपों की पेशी हमारी तीन पीड़ी करती आ रही है। दीपावली के दूसरे दिन प्रदेश भर से सांप के काटने से पीडि़त लोग यहां आते है व काटने का कारण जानते हैं। कारण जानने के साथ ही दोबारा एसी घटना न हो इस बात के लिए साँप से वचन लिया जाता है