रायसेन। छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी) के अवसर पर रायसेन के युवाओं ने मिलकर ऐतिहासिक सोमेश्वर धाम रायसेन दुर्ग परिसर में दीपोत्सव का आयोजन किया।
मंदिर परिसर में 551 दीपों का प्रज्वलन कर पूरे परिसर को रौशन किया गया और दीपावली पर्व की शुभ शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने आरती, भजन और दीप आराधना के माध्यम से भगवान सोमेश्वर महादेव से समाज और राष्ट्र के कल्याण की कामना की।

सभी श्रद्धालुओं ने “एक दीप भगवान सोमेश्वर के नाम” का संदेश देते हुए भक्ति और एकता की ज्योति जगाई।
भक्तों का मानना है कि जैसे उज्जैन में महाकाल भगवान राजा-महाराजा के रूप में पूजे जाते हैं, वैसे ही रायसेन के पालनहार भगवान सोमेश्वर महादेव नगर के रक्षक और अधिपति माने जाते हैं।
रायसेन के युवाओं ने बताया कि यह आयोजन केवल दीपोत्सव नहीं, बल्कि भगवान सोमेश्वर महादेव के प्रति लोगों में जागरूकता और भक्ति भावना बढ़ाने का प्रयास भी है।
युवाओं ने रायसेन नगरवासियों से आग्रह किया कि सभी मिलकर सोमेश्वर महादेव के प्रति श्रद्धा और एकता का भाव रखें, ताकि आने वाले समय में 1947 से बंद पड़े सोमेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार को खोलने का संकल्प साकार हो सके।

इस दीपोत्सव के माध्यम से युवाओं ने नगरवासियों को यह संदेश दिया कि अगर सभी श्रद्धालु एकजुट होकर भक्ति से जुड़ें, तो रायसेन के इस पवित्र धाम के द्वार फिर से खुल सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और भगवान सोमेश्वर महादेव से रायसेन नगर की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्य आकर्षण::551 दीपों से आलोकित हुआ सोमेश्वर धाम
रायसेन दुर्ग,युवाओं का “एक दीप भगवान सोमेश्वर के नाम” अभियान,मंदिर के बंद गेट को खोलने की दिशा में जागरूकता संदेश
भक्ति, एकता और संस्कृति से ओत-प्रोत कार्यक्रम
यह दीपोत्सव केवल रोशनी का नहीं, बल्कि आस्था और जनजागरण का उत्सव रहा।
रायसेन के युवाओं का संकल्प है कि एक दिन रायसेन के पालनहार भगवान सोमेश्वर महादेव के दरवाज़े फिर से खुलेंगे, और पूरा नगर उनकी ज्योति से आलोकित होगा।