रायसेन। संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन किसान जागृति संगठन ने मार्फेड कार्यालय चोपड़ा भोपाल रोड पर प्रदर्शन कर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन दिया जिसमें किसानों ने शासन से मांग की है कि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल दिया जाए तथा किसानों को समय पर पर्याप्त खाद प्रदान किया जाए,अतिवृष्टि की तबाही के शिकार हुए किसानो के प्रति सरकार के रवैये, खाद के गहराते और लगातार जारी सकट, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करवाने में पूरी तरह असफल रहने और अब भावान्तर के नाम पर किसानों के लिए सर्वथा अनुपयोगी और अलाभकारी योजना लाने, बिजली न आने के बावजूद भारी बिल थमाए जाने और स्मार्ट मीटर की विनाशकारी योजना लाने, लैंड पूलिंग और मनमाने तरीके से किये जा रहे कृषिभूमि के अधिग्रहण और किसानो आदिवासियों की बेदखली किये जाने की ओर हम आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं ।

संयुक्त किसान मोर्चा मध्यप्रदेश आपके संज्ञान में लाना चाहता है कि इन सबके चलते मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याएं बढती जा रही हैं, हाल ही में कुछ सोयाबीन किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हुए हैं। देश के कृषिमंत्री जिस प्रदेश के हो उस प्रदेश में ऐसा होना अच्छी बात नहीं है ।
इन परिस्थितियों में संयुक्त किसान मोर्चा आपसे समाधान निकालने का आग्रह करता है ।
1-भावान्तर नहीं भाव दिया जाए वर्तमान में घोषित भावान्तर योजना किसानों की नहीं कुछ बड़ी कंपनियों के फायदे के लिए है। इसे तुरंत वापस लिया जाए और सख्ती के साथ सोयाबीन सहित सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य से खरीद सुनिश्चित की जाए। इससे कम पर खरीदने को दंडनीय अपराध मानकर कार्यवाही की जाए ।2– दो साल पहले चुनाव घोषणापत्र में धान की कीमत 3100 रुपये प्रति क्विटल देने का वायदा किया गया था। उसके अनुपात इस वर्ष धान की खरीदी का मूल्य 3300 रुपये प्रति क्वि घोषित किया जाए।
3– अतिवृष्टि से हुए नुकसान का नजरिया या सॅटेलाइट सर्वे करने की बजाय पटवारी हलके को इकाई मानकर औसत उपज की तुलना में आई कमी को आधार बनाकर क्षति का पूरा मुआवाजा दिया जाए। इसी तरह बीमा कंपनियों द्वारा की जा रही धांधली और धोखाधड़ी रोककर नुक्सान की पूरी भरपाई की जाए।
4- खाद का संकट सरकार की अक्षमता और असफलता के कारण है। जरूरत पड़ने के पहले ही खाद का पर्याप्त भण्डारण किया जाए और हरेक किसान को उसकी आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध कराया जाए ।
5- मध्यप्रदेश नकली खाद और बीज का अड्डा बना हुआ है। इनके सौदागरों और कृत्रिम संकट पैदाकर उनकी मदद करने वाले अधिकारियों को जेल भेजकर समुचित दंड दिया जाए।6- प्रदेश में लैंड पूलिंग और अलग अलग परियोजनाओं, कथित एक्सप्रेस वे, अभयारण्यों आदि इत्यादि के नाम पर जबरिया अधिग्रहण और बेदखली रोकी जाए । किसान की मर्जी और ग्राम सभा की वास्तविक मंजूरी और 2013 भूमि अधिग्रहण क़ानून के आधार पर मुआवजे और पुनर्वास के बिना जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाए।7- किसानो को कमसेकम 12 घंटे बिजली दी जाए। बिजली दिन के समय दी जाए। बढ़ाचढ़ा कर भेजे गए बिजली बिल निरस्त किये जाएँ। स्मार्ट मीटर की योजना रद्द की जाए8- आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देते हुए उनके एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए।9- टैरिफ से पड़ने वाले असर से किसानों को बचाने के लिए अंतर की राशि का भुगतान सरकार करे। जो मुक्त व्यापार समझौते किये जा रहे हैं उनके दायरे के कृषि को बाहर रखा जाए। इन दोनों के चलते कपास उत्पादक किसानों को हुए घाटे की पूर्ति की जाये।10- रबी की फसल के लिए हाल ही में घोषित की गयी न्यूनतम समर्थन मूल्य की दरें अनुचित और अपर्याप्त हैं। स्वामीनाथन आयोग की दरों की तुलना में इन दरों से देश के किसानों को 3 लाख करोड़ रुपयों से अधिक का नकद सुनसान होने वाला है। इन दरों को अपस लेकर नई दरों का निर्धारण किसान संगठनों के साथ मिलकर किया जाये।
हमें उम्मीद है कि आपके मुख्यमंत्रित्व में मध्यप्रदेश शासन इन सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समुचित आदेश जारी करेगा। इस अवसर पर किसान जागृति संगठन के प्रमुख इरफान जाफरी ने किसानों को संबोधित किया प्रदर्शन कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेंद्र कुमार राजू भैया प्रदेश अध्यक्ष किसान जागृति संगठन रंजीत यादव जिला अध्यक्ष विजय चौक से कार्यालय प्रभारी नारायण सिंह राजपूत कोषाध्यक्ष जमुना लोधी सैफ अली खान रामस्वरूप राठौर जिला महासचिव मलखान सिंह ठाकुर मलखान सिंह मीणा मदन सिंह लोधी चैन सिंह राजपूत शेर सिंह राजपूत जाहिद अली खान मोहम्मद शहीद सरपंच यूनुस खान रोहित पटेल दशरथ पटेल गुलाबचंद पटेल शेर सिंह राजपूत विशाल पटेल नरेश राजपूत अर्पित राजपूत राजेश पटेल बघेल अकरम भाई उपस्थित रहे