विनोद साहू बाड़ी रायसेन
शासकीय कन्या उः मा. शाला बाडी में पदस्थ गबन के आरोपी प्राचार्य सहित एक अन्य शिक्षक के विरुद शाला में पदस्थ शिक्षिका ने पुलिस में शिकायत की है। शिक्षिका ने प्राचार्य के एवं उनके सहयोगी शिक्षक पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया
शासकीय कन्या उ. मा. शाला में पदस्थ वर्ग ,एक की अतिथी शिक्षिका ने पुलिस को दिए अपने शिकायती आवेदन में बताया कि वह शाला के पास खड़ी होकर शासन के निर्देशानुसार अपनी ई-अटेन्डेन्स लगा रही थी तब ही संकुल प्राचार्य घनश्याम सिंह मेहर आए और कहने लगे कि तू मोबाइल बंद कर और प्रेयर में खड़ी हो । अडन्डेन्स लगाकर जब मैं शाला में गई तो प्राचार्य – तू तड़ाक करते हुए कहने लगे निकल तू स्कूल के बाहर । तू सुन नहीं रही, निकल तू स्कूल के बाहर । तुझे में नोटिस देता हूं। तू नौकरी नहीं करेगी। तेरी नौकरी मैं खा जाऊंगा। महिला शिक्षिका के पति, जो कि इसी शाला में शिक्षक है, आए और प्राचार्य, के अपशब्दों के प्रयोग पर आपत्ति करने लगे तो प्राचार्य मेहर ने उनके साथ मुक्का थप्पड से मारपीट की। अपनी शिकायत में शिक्षिका ने बताया कि उनके पति अनुसूचित जनजाति वर्ग के है । शिक्षिका के अनुसार इस मामले में शाला के ही शिक्षक केशव नामदेव प्राचार्य मेहर का सहयोग कर रहे ।
प्राचार्य ने मुझे धक्का देकर शाला के बाहर निकाल दिया और उनके सहयोगी शिक्षक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मुझे धमकाने लगे।
उल्लेखनीय है कि प्राचार्य घनश्याम सिंह मेहर जब से बाड़ी में पदस्थ हुए है तब ही से विवादों में रहे हैं। उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य रहते उसी स्कूल की शिक्षिका ने अभद्र व्यवहार करने की पूर्व में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। स्कूल के ही एक छात्र ने प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा बाड़ी की महिला पार्षद ने भी प्राचार्य के खिलाफ कलेक्टर से लेकर आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय तक शिकायत की है।
सिलवानी विकास खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में हुए करीब सबा करोड़ से अधिक के गबन मामले में प्राचार्य घनश्याम सिंह मेहर भी आरोपी है। प्राचार्य के सहयोगी केशव नामदेव के खिलाफ अनुसूचित जाति की छात्राओं से भेदभाव करने के आरोप में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। लेकिन इसके बावजूद भी शिक्षा विभाग का कोई भी आलाधिकारी आरोपी प्राचार्य के मददगार क्यों बने हुए हैं।
