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रमन अखंडता के प्रतीक,आर्यिका रत्न का मिला विधानसभा अध्यक्ष को आशीर्वाद

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सुरेंद्र जैन धरसीवा
रमन में तीन शब्द हैं र राम का म महावीर का ओर न नानक जी का जिनके नाम में तीनों का आशीर्वाद समाहित हो वह अखंडता के प्रतीक होते हैं
यह बात अपने अनमोल वचनों मे महा तपस्वी समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी आचार्यश्री समय सागर जी की परम शिष्या आर्यिका रत्न 105 अन्तर्मती माताजी ने कही
आर्यिका रत्न अन्तरमति माताजी ने संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी आचार्यश्री समय सागर जी आर्यिका शिरोमणि ज्ञान मति माताजी के अवतरण दिवस पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में कहा कि राजनीति में धर्म का प्रवेश देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत होता है

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के नाम के तीनों अक्षरों की व्याख्या करते हुए आर्यिका रत्न ने कहा कि रमन में र राम का है म महावीर प्रभु का है और न नानक जी का है जिनके नाम के तीनों अक्षरों से अलग अलग भगवान के नाम प्रगट होते हों वह अखंडता के प्रतीक होते हैं
वहीं मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि आचार्यश्री विद्यासागरजी अद्भुत संत थे वह जैनों के नहीं अपितु जन जन के संत थे वह सिफ भारत के नहीं अपितु विश्व के संत थे ऐसे महान तपस्वी ने हमारे छत्तीसगढ़ में अधिक समय तक तपस्या की ओर छत्तीसगढ़ में ही अपनी देह का त्याग किया यह हम सभी के लिए ओर इस प्रदेश के लिए गौरव की बात है डॉ रमन सिंह ने आगे कहा कि आचार्यश्री ने अपने जीवन में आत्मकल्याण के साथ ही जन कल्याण के क्षेत्र में बहुत काम किया वह कहते थे इंडिया नहीं भारत बोलो अपने भारत में लौट चलो उन्होंने चल चरखा हथकरघा की शुरुआत कराई चंद्रगिरि डोंगरगढ़ में आसपास की गरीब परिवारों की महिलाओं पुरुषों को प्रशिक्षण दिलाकर खाड़ी बनाना सिखाया उन्हें रोजगार से लगाया आज कई प्रदेशों में उनके द्वारा प्रारंभ हथकरघा से हजारों परिवार स्वरोजगार से लगे है शिक्षा के क्षेत्र में पर्यावरण के क्षेत्र में गौवंश ओर पशुधन की रक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां भारत को एक नई दिशा दे रही हैं
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने जैनियों को लेकर कहा कि कुछ लोग कहते हैं जैन दो सौ साल पहले आए कोई कहता है तीन सौ साल पहले आए लेकिन सत्य ये है कि नगपुरा में खुदाई के दौरान हजारों साल प्राचीन जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ स्वामी की मूर्ति मिलना इसके अलावा पचराही के समीप ओर प्रदेश के अन्य स्थानों पर जमीन के अंदर से जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों का मिलना यह प्रमाणिक करता है कि कभी यहां जैनियों के बहुत विशाल मंदिर रहे होंगे और जैन समाज बड़ी संख्या में रही होगी यानी जैनों का इतिहास हजारों साल पुराना है

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत सुनील सोनी मोतीलाल साहू आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे कार्यक्रम के आयोजक सकल जैन समाज की ओर से भामाशाह विनोद बड़जात्या अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्रकाश मोदी सहित सभी मंदिरों की समाज वो पदाधिकारी शामिल हुए

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