मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर क्षेत्र में बारिश थमने के कुछ दिनों बाद से ही सोयाबीन की कटाई का दौर चालू हो चुका है। ऐसे में कई किसान मजदूरों से तो कई बड़े किसान हार्वेस्टर से सोयाबीन कटाई करा रहे हैं। कटाई के बाद जो उत्पादन निकलकर किसानों के सामने आ रहा है उसे देख किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। प्रति एकड़ वमुश्किल 4 से 5 क्विंटल सोयाबीन निकल रहा है, जबकि लागत प्रति एकड़ 12 से 13 हजार रुपए आना किसानों के द्वारा बताई जा रही है।
इस बार पीले सोने के नाम से जाने वाले सोयाबीन से चमक गायब है इस चमक के जाने से ही किसानों के चेहरे पर भी उदासी छाई हुई है। कुल मिलाकर यूं कहें इस साल पीले सोयाबीन की चमक ने किसानों के चेहरे की चमक भी गायब कर दी है। जिन किसानों के सोयाबीन पक कर तैयार हो चुके हैं एवं जो किसान कटाई कराने में लगे है।
किसानों के अनुसार इस वर्ष उत्पादन भी घटकर 4 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ ही आ रहा है। ग्राम दीवानगंज के किसान सुरेश साहू, शानू खान ने बताया कि सोयाबीन में करीब 12 से 13 हजार रुपए प्रति एकड़ लागत आई है। उस मान से उत्पादन कम हुआ है। वहीं इस वर्ष अति वर्षा के कारण सोयाबीन का दाना छोटा पड़ गया है वहीं उसमें चमक नहीं होने के कारण मंडी में भी भाव अच्छा नहीं मिलने की उम्मीद है।
इस समय मंडी में सोयाबीन क्या भाव 3500 से लेकर 4000 तक है। इस हिसाब से खेती का धंधा घाटे का धंधा साबित हो रहा है।