– ठेकेदार और जलसंसाधन विभाग की मनमर्जी, लापरवाह ठेकेदार पर विभाग मेहरबान
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
वर्षों की लंबी संघर्ष यात्रा के बाद ग़ैरतगंज तहसील के हिनौतिया खालसा डेम को स्वीकृति तो मिल गई, लेकिन अब उसका निर्माण कार्य ठेकेदार और जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते अधर में लटक गया है। बीते करीब लंबे समय से डेम का काम पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि डेम की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था, जिससे किसानों में उम्मीद जगी थी कि अब उनकी वर्षों पुरानी सिंचाई समस्या का समाधान होगा। लेकिन कुछ ही मात्रा में कार्य के बाद ठेकेदार द्वारा कार्य रोक दिया गया। आरोप है कि ठेकेदार और विभाग की आपसी उदासीनता के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
किसानों का यह भी कहना है कि डेम निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई कुछ जमीनों का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। मुआवजा न मिलने से प्रभावित किसान दोहरी मार झेल रहे हैं, एक ओर उनकी जमीन चली गई और दूसरी ओर सिंचाई सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। डेम का निर्माण रुकने से क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि सिंचाई से वंचित है। समय पर पानी न मिलने के कारण फसल उत्पादन घट रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर अब क्षेत्रीय किसान तथा किसान संगठन आक्रोशित हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही डेम निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसान आक्रोशित
स्थानीय किसान अशोक कुमार, पन्नालाल, मिठ्ठूलाल, केशरचंद्र, मुन्नालाल, लीलाधर, गुलाब सिंह, सुनील कुमार, राजू, महेंद्र लोधी, देवी सिंह लोधी, कमल सिंह, संदीप गौर, बबलू लोधी, चरण सिंह राजपूत, रामस्वरूप, राधेलाल एवं गगन गौर आदि ने इस मुद्दे पर आक्रोश जताया तथा जल संसाधन विभाग से मांग की है कि लंबित मुआवजा तत्काल दिया जाए और डेम का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
2025 में पूरा होना था काम, विभाग उदासीन
हिनौतिया खालसा डेम का काम वर्ष 2025 में पूरा होना था, परन्तु विभागीय उदासीनता के चलते लापरवाह ठेकेदार ने काम को अधूरा छोड़ा हुआ है जिससे क्षेत्र भर को इस महत्वाकांक्षी योजना का अब तक लाभ नहीं मिल पाया है।

लापरवाही पर विभाग की मेहरबानी
इस पूरे मामले में मजेदार बात यह है कि इस मामले में ठेकेदार की लापरवाही पर विभाग पर्दा डाले रहा तथा बाद में किसानों के आंदोलित होने पर विभाग ने ठेकेदार पर ब्लैक लिस्ट की कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी पर अब पुनः उसी ठेकेदार को क्षमादान देकर उसी से कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में यह भी उल्लेखनीय है कि इसी ठेकेदार ने तहसील के टेकापार खोड़ी डेम का काम भी अधूरा छोड़ रखा है जिसे पूरा कराने की तरफ भी विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विधायक की विकास श्रृंखला पर लगा रहे ब्रेक
क्षेत्रीय विधायक डा. प्रभुराम चौधरी क्षेत्र भर में विकास की एक लंबी श्रृंखला जारी रखे हुए हैं। इस योजना भी इसी का हिस्सा है। किंतु जिम्मेदार लोग इस पर ब्रेक लगाने का काम कर रहे हैं।
अधिकारी का दावा इस वर्ष पूरा कराएंगे काम
हिनौतिया खालसा डेम निर्माण में लेट लतीफी के मुद्दे पर विभाग का पक्ष जानने के लिए सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि इस वर्ष काम पूरा कराया जाएगा। ठेकेदार की लापरवाही पर विभाग की मेहरबानी के मुद्दे पर वे कोई सार्थक उत्तर नहीं दे पाए।