– राष्ट्रीय स्तर पर सत्ताधारी ओर विपक्षी नेताओं में मतभेद हैं पर मनभेद नहीं
– लेकिन जमीनी स्तर पर सत्ताधारी ओर विपक्षी कार्यकर्ताओं में हो रही मारपीट
सुरेंद्र जैन रायपुर
राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के विभिन्न दलों के नेताओ में मतभेद तो रहते हैं लेकिन मनभेद नहीं इसलिए उन्हें कभी आपस में मारपीट करते नहीं देखा जाता बल्कि सार्वजनिक जीवन में वह हमेशा एक दूसरे के दुख दर्द भी बांटते हैं और अक्सर कहीं न कहीं राजनीति से हटकर अन्य कार्यक्रमों में साथ उठते बैठते ओर खाते देखे जाते हैं बाबजूद इसके जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता राजनीति के चक्कर में एक दूसरे से मारपीट तक कर देते हैं जो बड़े नेता कभी आपस में दूसरी पार्टी के नेताओं से नहीं लड़ते उन नेताओं के चक्कर में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता अपने ही गांव शहर नगर के लोगों से अड़ोसी पड़ोसी से भी लड़ते झगड़ते ओर मारपीट तक करते रहते हैं ऐसा ही एक मामला अब रायपुर में सामने आया है जहां मन की बात न सुनने पर एक युवक की जमकर पिटाई कर दी गई कांग्रेसियों ने इस मामले में आंदोलन कर कार्यवाही की मांग की है।

कांग्रेस नेता पंकज शर्मा का आरोप है कि शिवाजी रेसीडेंसी, कमल विहार निवासी रिषी तिवारी के साथ भाजपा ओ.बी.सी.मोर्चा के कोषाध्यक्ष उदय बराडे द्वारा मारपीट की गई है मारपीट का मुख्य कारण यह रहा कि ऋषि तिवारी ने पीएम के ‘मन की बात’ सुनने से मना कर दिया था भाजपा नेता ने ऋषि तिवारी को जान से मारने की धमकी देते हुये डंडा एवं रॉड से वार कर बर्बर तरीके से पीटा है। मारपीट की घटना के बाद रिषी तिवारी जब एफ.आई.आर. दर्ज कराने टिकरापारा थाने गया तो वहां ड्यूटी पर उपस्थित पुलिसकर्मियों द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज करने से मना कर दिया। इस घटना की जानकारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंकज शर्मा एवं अन्य कांग्रेसजनों को मिलने पर टिकरापारा थाना पहुंचे, थाने में उपस्थित पुलिसकर्मियों द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज करने में आनाकानी की गई तो पंकज शर्मा एवं अन्य कांग्रेसजनों द्वारा थाना परिसर में ही धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। तब जाकर भाजपा कार्यकर्ता उदय बराडे पर एफ.आई.आर दर्ज की गई।

छ.ग. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा ने इस घटना की निंदा करते हुये कहा कि पीड़ित रिषी तिवारी के साथ जो भी हुआ है वह पूरी तरह से गलत है और यह बात स्पष्ट है कि अगर आप मोदी के मन की बात से सहमत नहीं होते है तो भाजपा के लोग आप पर डंडे से हथियारों से हमला करेंगे और मन की बात सुनने के लिये बाध्य करेंगे। एैसे समाज विरोधी असामाजिक तत्वों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है। भाजपा कार्यकर्ता अपनी नाकामियों को छिपाने और खिसकते हुये जनाधार को देखकर उनका मानसिक संतुलन खराब हो गया है और वे आम लोगो के साथ मारपीट करने के लिये उतारू हो गये है।
टिकरापारा थाना घेराव करने वालों में सुरेश धीवर, आस मोहम्मद, सूर्या निर्मलकर, जसमीत सेठी, धीरज जैन, तीरथ साहू, जादूमणी भारती, सजमन बाग आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।