– अब तीन गेटों को 0.75 मी खोलकर 174.50 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, पर्यटकों की लगी भीड़
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सम्राट अशोक हलाली बांध के कैचमेंट एरिया में इनफ्लो होने से डैम का लेवल 459.61/459.61 मीटर एवम जल भराव 100 % हो गया है। बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बुधवार को आधा-आधा मी दो गेट खोले गए थे लेकिन भोपाल में हो रही लगातार बारिश से जलस्तर लगातार बढ़ रहा था इसको देखते हुए शुक्रवार सुबह 10:30 बजे एक गेट और खोल दिया गया है अब तीनों गेट की ऊंचाई 0.75 मीटर खोली गई है। जिससे 174.50 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कार्यपालन यंत्री राजकुमार पंडौले और
बी के बागुल्या अनुविभागीय अधिकारी ने आम जन से हलाली नदी, बेस नदी , बेतवा नदी के तटीय दोनों किनारो से दूरी बनाए रखने का अनुरोध है ।
भोपाल की पतरा नदी और ईट खेड़ी की नदी से लगातार अत्यधिक मात्रा में हलाली डैम में पानी आ रहा है जिससे हलाली डैम का ओवरफ्लो तेजी से चालू हो गया है। ओवरफ्लो की सूचना मिलते ही क्षेत्र के पर्यटक और ग्रामीण ओवरफ्लो देखने डैम पर पहुंचने लगे हैं।
शुक्रवार को सरकारी छुट्टी होने के कारण अत्यधिक मात्रा में पर्यटक हलाली डैम पिकनिक मनाने के लिए पहुंचे। हालांकि दीवानगंज पुलिस और सलामतपुर पुलिस पहले से ही पर्यटकों को लेकर सतर्क है। क्योंकि हर साल हलाली डैम पर घटनाएं हो जाती है आगे घटना ना हो इसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

अशोक सम्राट हलाली डैम में किसानों की खरीफ की फसल हर साल डूब में आने से खराब होती आ रही थी। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता रहा था। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने हलाली डेम के ओवरफ्लो वाले स्थान पर 5 चैनल गेट का निर्माण कार्य पिछले साल ही कराया गया है। निर्माण कार्य में लगभग 24.59 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसके लिए 12 मीटर ऊंचाई वाले 5 पिलर का निर्माण कार्य कराया गया है।
सम्राट अशोक हलाली डैम का जल स्तर बढ़ने से 5 गेटों से 1750 क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकेगा। इस निर्माण से 27 गांवों के किसानों की 1500 हेक्टेयर जमीन में बोई गई खरीफ की फसल को डूबने से बचाया जा सकेगा। इतना ही नहीं, फसल खराब होने के अलावा निनोद और कायम पुर गांव के रास्ते बारिश के समय में डूब में आ जाने के कारण गांव टापू बन जाया करते थे। अब इन गांवों के रास्ते भी डूब में नहीं आएंगे इससे बारिश के दिनों में यहां से आवागमन चालू रहेगा।
पिलर के ऊपर छत डालकर एक 57.50 मीटर लंबाई बाला ब्रिज का निर्माण भी किया गया है। यह ब्रिज सिंचाई परियोजना के कर्मचारियों के उपयोग के लिए ही रहेगा। यहां से आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। विभागीय कर्मचारी इस ब्रिज का उपयोग गेट की मॉनिटरिंग से लेकर सभी आवश्यक कामों के लिए कर पाएंगे। अलग से राशि स्वीकृत कराकर आम लोगों के लिए डाउन स्ट्रीम में दूसरा ब्रिज बनाया गया है इस ब्रिज का उपयोग आम लोगों के आवाजाही के लिए है