समाचार-सनातन संस्कृति को लेकर जो झूठ गढ़े जा रहे हैं,उनका जवाब है शाही जी का लंकेश्वर – डॉ अजय खेमरिया
– साहित्यकार और कर्मचारी नेता शाही की स्मृति में सेवानिवृत वन कर्मचारियों का रामायण भेंट कर किया सम्मान
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कर्मचारी नेता मदनमोहन शर्मा शाही की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए समाजसेवी एवं उपभोक्ता फोरम के सदस्य डॉ अजय खेमरिया ने कहा कि स्वर्गीय मदनमोहन शर्मा शाही स्थानीय कर्मठ एवं झुझारू नेता होने के साथ प्रदेश बड़े ट्रेड यूनियन लीडर थे। इसी का परिणाम रहा की उन्होंने न केवल कर्मचारी हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किये,बल्कि शिवपुरी की मंगलम जैसी जितनी भी समाज सेवा के लिए समर्पित संस्थाएं उनमें उनका याद करने वाला योगदान रहा है। इससे इतर यदि हम उनके सनातन विचार से जुड़े हस्तक्षेप को देखें तो उनका इस परिप्रेक्ष्य राष्ट्रिय महत्व रेखांकित किया जा रहा है। आज जिन वनकर्मियों को रामचरितमानस भेंट की गईं हैं,उन्हें याद रखना चाहिए कि सनातन संस्कृति के इस ग्रंथ का कई वामपंथी देश के लोगों में इसके प्रसंगों को लेकर भ्रम फैलाते हैं कि ये काल्पनिक हैं। इन सब दुष्प्रचारों का उत्तर शाही जी द्वारा लिखे उपन्यास लंकेश्वर में हैं। गूगल पर इस उपन्यास को लेकर हिंदी व अंग्रेजी में दर्जनों शोध लेख व टिप्पणियां दर्ज हैं। अतएव शाही जी का कद बहुत बड़ा और व्यापक है।
मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ एवं कर्मचारी भवन ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष रहे शाही जी की 39 वीं पुण्यतिथि कर्मचारी भवन में वन कर्मचारी संघ ने भव्यता के साथ मनाई। शाही जी की स्मृति में मनाया जाने वाला यह 22 वां आयोजन था । वन विभाग के कर्मचारी नेता दुर्गा प्रसाद ग्वाल इस स्मृति को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष करते हैं। कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व जिला अध्य्क्ष राजू बाथम, लेखक प्रमोद भार्गव, आमोद तिवारी, जानकी सेना संगठन के विक्रम सिंह रावत,डॉ बीके शर्मा,महेश शर्मा,पुरोषत्तम शर्मा और कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य श्रीमती सोमवती यादव के अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं नागरिक मौजूद थे।