– महिला गंभीर हालत में हमीदिया अस्पताल में भर्ती
– रायसेन पुलिस प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
तारिक खान रायसेन
जिले की तहसील बरेली के काज़ी मोहल्ला वार्ड नं 10 में रिश्तों को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ छोटे भाई की पत्नी के साथ उसके ही जेठ और बड़ी भाभी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि पहले तो महिला को बुरी तरह से पीटा गया, फिर उसे छत से नीचे फेंक दिया गया। गंभीर हालत में घायल महिला बरेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर करदिया गया वही जिला अस्पताल में भी महिला की हालत को गंभीर देखते हुए घायल महिला को जिला अस्पताल से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर करदिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला का आरोप है कि आय दिन किसी न किसी बात को लेकर जेट ओर भाबी पारिवारिक विवाद करते रहते है घायल महिला ने बताया की उसके बड़े जेट और उनकी पत्नी ने उस पर अचानक हमला कर दिया। दोनों ने मिलकर महिला को बेरहमी से पीटा, जिससे उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं इसके बाद उसे छत से नीचे फेंक दिया गया। प्राथमिक जांच में महिला के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है।
महिला भोपाल हमीदिया अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
घटना के बाद परिजनों द्वारा महिला को आनन-फानन में बरेली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि महिला के हाथ-पेर में कई फ्रैक्चर हैं और सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं वही घायल महिला को रायसेन जिले अस्पताल से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर करदिया गया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
वही घायल महिला ने जिला पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगते हुए, पुलिस में शिकायत शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़िता ने मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस प्रशासन से की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला ने कहा कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और अब जान से मारने की कोशिश की गई है।
वही पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से जल्द पूछताछ की जाएगी। वही पुलिस ने महिला को आश्वासन देते हुए कहा साक्ष्य के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ओर से न्याय ज़रूर मिलेगा।
वही यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब अपनों से ही जीवन को खतरा हो जाए, तो इंसान किस पर भरोसा करे। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन पीड़िता को कितना और कितना जल्दी न्याय दिला पाती है।