रायसेन।न्यायालय सुनील कुमार शौक, चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, रायसेन जिला रायसेन द्वारा आरोपीगण सुखराम पिता धरमदास, उम्र- 18 वर्ष, निवासी- राजीवनगर थाना उमरावगंज को बीएनएस की धारा 103(1) में आजीवन कारावास व 10000 रूपये अर्थदण्ड , धरमदास पिता हल्के जाटव, उम्र- 60 वर्ष, निवासी – राजीवनगर, थाना उमरावगंज, जिला रायसेन. को बीएनएस की धारा 238 (ए) में चार वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस मामले में विधिक अभिमत श्री अनिल कुमार मिश्रा, सहायक निदेशक अभियोजन रायसेन द्वारा दिया गया एवं म.प्र. शासन की ओर से श्री लखन सिंह ठाकुर, अतिरिक्त् लोक अभियोजक, रायसेन ने पैरवी की। उक्त प्रकरण में नवीन कानून भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत दर्ज अपराध में पहली आजीवन कारावास सजा है।
सूचनाकर्ता आरोपी सुखराम जाटव के द्वारा 28 सितंबर.24 को रात्रि उसकी भाभी रानी के द्वारा उसने घर राजीवनगर में फांसी लगाने से मृत हो जाने की सूचना पर थाना उमरावगंज की चौकी खरबई में मर्ग कायम किया गया। जिसके आधार पर थाना उमरावगंज में मर्ग पंजीबद्ध किया गया। मर्ग जांच के दौरान मृतिका रानी जाटव नवविवाहिता होने से नायब तहसीलदार को सूचना दी गयी। मृतिका के संबंध में साक्षियों को सूचना देकर नक्शाापंचायतनामा बनाया गया। नक्शा पंचायतनामा में मृतिका के गले में लिगेचरमार्क का उल्ले्ख आने एवं मृत्यु का कारण अज्ञात दर्शित करने से मृतिका के गले एवं पास में मिले दुपट्टे को जप्त कर मृतिका का पीएम मेडिकल बोर्ड के कराया गया। मृतिका के मायके पक्ष के एवं ससुराल पक्ष के लोगों के कथन लेखबद्ध किए गए।
13 अक्टूबर 24 को मृतिका की पी एम रिपोर्ट प्राप्तु हुई, जिसमें डॉक्टर द्वारा मृतिका की मृत्यु, किसी के द्वारा गला घोंटने के कारण श्वांस अवरूद्ध हो जाने से मृत्युृ होने का उल्लेख किया गया एवं यह भी उल्लेख किया गया कि मृतिका के गले में जो लिगेचरमार्क पाए गए, एवं जो लिगेचर मटेरियल जप्त किया गया, वे दोनों समान मैच होना नहीं पाए गए। मृतिका के परिजनों द्वारा घटना दिनांक से ही मृतिका के ससुराल पक्ष पर संदेहास्पद भूमिका जाहिर करने से, मृतिका के पति, देवर, ससुर व जेठ की भूमिका संदेहात्मक दर्शित होने से मर्ग जांच पश्चात यह पाया गया कि घटना दिनांक को देवर सुखराम द्वारा खाना न बनाने की बात पर अपनी भाभी/ मृतिका रानी से विवाद करना एवं गुस्से में आकर बकरी बांधने वाली रस्सी से मृतिका के कमरे में जाकर बैठी हुई अवस्था में मृतिका के गले में रस्सी से उसका गला घोंटना तथा घटना की जानकारी होने पर पिता धरमदास द्वारा पुलिस को गुमराह करने की नियत से सुखराम से मिलकर मृतिका की मृत्यु को आत्माहत्या का रूप देने का प्रयास किया एवं मृतिका के पति गोलू एवं जेठ पप्पू को घटना की वास्तविक स्थिति मालूम होने के उपरांत भी उन्होंने पुलिस को गुमराह कर साक्ष्य का विलोपन करना पाए जाने से अभियुक्तगण के विरूद्ध दिनांक 14.10.2024 को अपराध क्रमांक 174/24 प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
आवश्य्क अनुसंधान उपरांत अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुूत किया गया। विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन की समस्त दलीलों एवं साक्ष्यों को सुनते हुए आरोपी 1. सुखराम पिता धरमदास, उम्र- 18 वर्ष, निवासी- राजीवनगर थाना उमरावगंज को बीएनएस की धारा 103(1) में आजीवन कारावास व 10000 रूपये अर्थदण्ड्, 2. धरमदास पिता हल्के जाटव, उम्र- 60 वर्ष, निवासी – राजीवनगर, थाना उमरावगंज, जिला रायसेन म.प्र. को बीएनएस की धारा 238 (ए) में चार वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
न्यूज सोर्स – श्रीमती किरण नंदकिशोर
मीडिया प्रभारी0जिला रायसेन