शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
क्षेत्र में लगातार 12 घंटे से हो रही वर्षा के चलते आसपास के सभी नदी नाले उफान पर हैं । पूर्व में बहने वाली सेमरी नदी एवं पश्चिम की बीना नदी पर बने छोटे पुल एवं रपटे जलमग्न होने से आवागमन बंद हो गया है ।

जबकि बेगमगंज – सुल्तानगंज मार्ग 2 दिन से पांडाझिर के पास दुधई नदी पर ठेकेदार द्वारा बनाया गया अस्थाई रपटा दो दिन पूर्व 5 वी बार फिर से टूटकर बह जाने के कारण दो दिन से रास्ता बंद है।
बीती बुधवार की शाम से कभी तेज कभी माध्यम वर्षा का दौर जारी है जो आज गुरुवार को सुबह से ही लगातार तेज वर्षा में बदल गया जिससे बीना नदी का बेरखेड़ी घाट जलमग्न होने से बेगमगंज- ग्यारसपुर -हैदरगढ़ – विदिशा ₹ का जनसंपर्क टूट गया है । वहीं बीना नदी के बर्री कला घाट जलमग्न है एवं नगर के कॉलेज के पीछे से निकला चकला नाले के ऊपर पानी बढ़ने से मानपुर , सोंठिया, कोहनियां , ढिमरोली का सड़क संपर्क टूट गया है।
सेमरी नदी का नैनविलास घाट भी जलमग्न होने से रात से ही आवागमन बंद है।
इसके अतिरिक्त नगर के वार्ड क्र. 1 – माला फाटक , जगदीश मंदिर क्षेत्र , मंडी , मकबरा , चुरक्का परासरी एवं दशहरा मैदान के पीछे रहवासी क्षेत्र तक पानी बढ़ जाने के कारण कुछ घरों में भर गया। जिससे लोगों का घरेलू सामान खराब होने की शिकायत पीड़ित व्यक्तियों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों से की गई है।
पिछली बार की तरह फिर से पुलिस प्रशासन द्वारा उपरोक्त घाटों पर बैरिकेट्स लगाकर संबंधित क्षेत्र के चौकीदारों एवं होमगार्ड्स को तैनात किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति वहां से आवागमन ना कर सके ।

उल्लेखनीय है कि एक पखवाड़े पूर्व ग्राम कैसेलोन निवासी एक युवक बेरखेड़ी घाट पर लगे बेरिकेड्स हटाकर चुपके से निकाल मने के प्रयास में नदी में बाइक सहित बह गया था। जिसका शव तीसरे दिन मिला था और बाइक 6 दिन बाद मिली थी ।
उक्त घटना से सबक लेते हुए पुलिस ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। इसलिए चौकीदारों के साथ एक-एक होमगार्ड की भी ड्यूटी लगाई गई है। ताकि किसी को भी जान जोखिम में डालकर निकलने नहीं दिया जाए ।