मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
अप्रैल की शुरुआत में ही अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। बादलों के आसमान ढकने के बाद हवाओं से किसान चिंतित हो उठे और उन्हें फसल बर्बाद होने का डर सताने लगा। ऐसे में किसानों ने खेत और खलिहान से फसल समेटने का काम तेज कर दिया। दिनोंदिन तल्ख हो रही धूप के बीच किसानों की गेहूं की फसल खेत में पककर तैयार हो गई है। किसान कटाई, मड़ाई का भी काम शुरू कर दिए हैं। हालांकि गर्मी का सीजन मानकर किसान कटाई मड़ाई की शुरुआत किए ही थे लेकिन बादल देखकर परेशान हो उठे। अभी पिछले साल ही तूफान में तमाम किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। बादल देख किसानों को डर सताने लगा कि बारिश हुई तो खेत में पकी गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। कटाई और मड़ाई में भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। ऐसे में किसानों ने गेहूं की कटाई के साथ ही मड़ाई का भी काम तेज कर दिया
मौसम के बदलते रुख के चलते ज्यादातर किसान मजदूरों के बजाए ट्रैक्टर और मशीन से कटाई पर जोर दे रहे हैं। फसल मशीन से कटाने के बाद बाद में भूसा मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में तमाम लोगों ने मजदूर या ट्रैक्टर से कटवाने के बाद थ्रेसर से मड़ाई कराने का मन बनाया था। मौसम में बदलाव देखकर लोग कटाई कराने के लिए मशीन की भी तलाश करने लगे।