परते एनकाउंटर मामले में जिले के आदिवासी हुए एकजुट
रायसेन।मंडला जिले में बेगा आदिवासी समुदाय के हिरण सिंह परते की पुलिस द्वारा हत्या कर उसे नक्सली बताने का आरोप लगा है। इसी मामले को लेकर जयस के तत्कालीन जिला सचिव शैलेन्द्र सिंह सिरशाम एवं रितिक धुर्वे के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन हुआ। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च कर तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जयस के जिला और पदाधिकारी मौजूद रहे।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि ग्राम खटिया विश्व बिछिया जिले मंडला अंतर्गत ग्राम खटिया विज्ञ बिछिया जिला मंडला अंतर्गत बहुचर्चित फर्जी एनकाउंटर में नक्सली के नाम पर हुए हिरन परते की हत्या कर दी गई। नक्सली के नाम पर एनकाउंटर कर आदिवासियों की हत्या के अनेकमामलों के प्रत्यक्ष प्रमाण सम्पूर्ण देश में सामने आए हैं इसी तरह हिरन परते की हत्या गई है।
परते एनकाउंटर की घटना को साजिस बताकर न्यायिक और सीबीआई जांच कराकर फर्जी एनकाउंटर में शामिल लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर सजा देते हुए पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा और नौकरी देने की मांग जिले के आदिवासी युवाओं ने की नक्सली के नाम पर आदिवासियों की निर्मम हत्या करने वालों पर कठोर सजा की मांग की गई फर्जी एनकाउंटर मामले में दोषियों की सजा ऐसी हो की भविष्य में कोई भी भोले भाले आदिवासियों को नक्सली बताकर उनपर अत्याचार करने की हिम्मत ना कर सके।
ज्ञापन देने वालो में शैलेन्द्र सिंह सिरशाम, सुनील चीचाम, घनश्याम चीचाम, रितिक धुर्वे, नीलेश दीवार, गजेंद्र सिरशाम, शिवनारायण काकोडिया सहित बड़ी संख्या क्षेत्रीय आदिवासी युवा और जयस के जिला ब्लॉक पदाधिकारी उपस्थित रहे।