-पार्क घूमने गए एक सैलानी ने शिकार करते कैमरे में कैद किया टाइगर
– पार्क में हुए 6 टाईगर
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क को नौवां टाईगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। यहां पर लाए गए टाईगरों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आने लगे हैं। पॉजिटिव पोइंट यह है कि बीते 10 दिन में 411 पर्यटक यहां पर टाईगरों के दीदार करने के लिए आए। हालांकि अभी कुछ ही पर्यटकों को टाईगर के दीदार हुए हैं। एक पर्यटक ने तो टाइगर को अपने कैमरे में शिकार करते हुए कैद कर लिया। इसका फोटो भी वायरल किया है। वहीं इस पर्यटक ने टाइगर रिजर्व प्रबंधन को पार्क घूमने के दौरान हुए अनुभवों से अवगत कराया। टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि अब बाघों की संख्या बढ़ने से सैलानियों की भी संख्या बढ़ने लगी है।
पार्क में हुए 6 टाईगर-
इस समय पार्क में कुल छह टाईगर हैं। कुछ दिन पहले सीएम मोहन यादव व केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां पर एक मादा बाघ को छोड़ा था। इस मादा बाघ को पार्क में छोड़े जाने के बाद अब पार्क में बाघों की संख्या 6 हो गई है। शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में 2 साल पहले भी तीन टाइगर लाए गए थे जिसमें दो मादा टाइगर और एक नर टाइगर लाया गया था। एक मादा टाईगर ने यहां पर दो शावकों को जन्म दिया है। इस तरह से अब यहां पर बाघों की संख्या 6 हो गई है।
एक और टाईगर लाया जाएगा-
10 मार्च को माधव टाइगर रिजर्व के अंदर पूर्वी क्षेत्र में पन्ना से लाकर छोड़ी गई बाघिन को देखने पिछले 10 दिन में 411 पर्यटक पहुंचे हैं। टाइगर छोड़े जाने के बाद पर्यटकों की यह संख्या अभी तक के इतिहास में सबसे अधिक है। इन पर्यटकों में जिले के अलावा दूसरे राज्यों व अन्य शहरों के पर्यटक भी शामिल है। पार्क अधिकारियों ने बताया है कि आने वाले समय में एक टाईगर और लाने की प्रक्रिया चल रही है। 10 मार्च को लाई गई इस वाघिन का साथ देने के लिए मार्च के आखिरी सप्ताह में इसी क्षेत्र में एक नर बाघ को छोड़ा जाएगा और यह बाघ प्रदेश के बाधवगढ़ या पेंच टाइगर रिजर्व से आ सकता है। दोनों ही जगह बाघ को पकड़ने की प्रक्रिया जारी है।
1200 किमी का कोर एरिया जुड़ा-
पहले माधव नेशनल पार्क जो कि अब माधव टाइगर रिजर्व के रूप में जाना जा रहा है। पहले इसका क्षेत्रफल जहां 375 वर्ग किमी का था, अब इसमें 1200 किमी का कोर एरिया जुड़ गया है। इससे इस पूरे रिजर्व में मोहना तक का क्षेत्र आ गया है। कई गांव भी इसमें जुड़ गए हैं। टाइगर रिजर्व बनने के बाद कई अन्य काम भी बड़े स्तर पर किए जा रहे है। आगामी समय में यहां पर सफारी वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को यहां पर गाइड के रूप में रोजगार भी मिलेगा।