रायसेन जिले में पहली बार टाइगर को बचाने के लिए सघन चेकिंग अभियान जारी
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
प्रदेश में इन दिनों टाइगर अलर्ट के नाम से शिकारी लोगो पर कंट्रोल हेतु अभियान चलाया जा रहा हे।उसी के तारतम्य में परिक्षेत्र अंतर्गत बड़े बाजारों में अस्थाई निवास करने वाले डेरो की सघन जांच की जा रही हे।
वन विभाग द्वारा ऐसे डेरो बालों का विधिवत रिकॉर्ड सुरक्षित किया जा रहा हे।जगह जगह अभियान के रूप में चेकिंग कर इनका रिकॉर्ड मेनटेन किया जा रहा हे।
बेगमगंज रेंजर अरविंद अहिरवार उतरे मैदान में
रायसेन जिले में पहली बार टाइगर को बचाने के लिए सघन चेकिंग अभियान जारी वन विभाग की टीम ने चार जगह की चेकिंग की एवं उनके नाम पते नोट किये बाहर के प्रदेश से आए डेरा बेसिया की सघन चेकिंग की एवं उनके नाम पते नोट किए गये।

वन पर क्षेत्र में जितने भी पादरी डेरा डाले हुए हैं कुच बंधीयां डेरा डाले हुए उन सब जगह बेगमगंज रेंजर और वन विभाग की टीम के साथ सघन चेकिंग अभियान जारी किया गया ।वन विभाग की इस कार्यवाही से इन डेरो में रहने वाले शिकारी प्रवत्ति के लोगो में हड़कंप मचा हुआ हे।
प्रदेश में टाइगर और अन्य वन्यप्रणियो की तस्करी में पारदी गैंग और बहेलिया ,कुचबंदिया की बढ़ती सक्रियता के तहत आज बेगमगंज में कॉलेज के पास रह रहे बाहर के डेरो की आज सघन चेकिंग की गई ।उनके आधार कार्ड से लेकर कहा से आए है।क्या काम करते हे।अब यहां से कहा जायेगे । डेरे में कितने लोग हे।परिवार के सदस्यो का ब्योरा ।कब से यही काम कर रहे हे।वन अपराध और टाइगर पोचिंग में संलिप्तता।सभी एंगल से जांच की गई।

टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में टाइगर्स पर बड़ा संकट, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने जारी की चेतावनी. तस्कर गिरोह कर रहे पोचिंग और बाघ के अंगों की तस्करी
मध्य प्रदेश के टाइगर्स को लेकर रेड अलर्ट क्यों?
वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) ने रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में ऐसे कई बड़े गिरोह सक्रिय हैं, जो टाइगर्स को अपना शिकार बना रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा खतरा मध्य भारत के टाइगर्स को है, क्योंकि यहीं इनकी तादाद सबसे ज्यादा है. वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के मुताबिक मध्य प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बाघों को शिकारियों से सबसे ज्यादा खतरा है और यहां के टाइगर रिजर्व्स को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है.

चेकिंग में कई डेरे राजस्थान और अन्य राज्यो के प्रदेश की सीमा में घूम रहे हे
खूंखार शिकारी बाघ का मांस तक खा जाते हैं
वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की बैठक में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इसमें कहा गया है कि ग्रामीण और जंगली इलाकों में कुछ विशेष शिकारी समुदाय बाघों की हत्या और तस्करी में लिप्त हैं. इनका पूरा का पूरा परिवार झुंड में टाइगर की रैकी करता है और फिर उसे जाल में फंसाकर मार देता है. ये शिकारी इतने खूंखार हैं कि ये टाइगर को मारते ही, उसकी खाल, हड्डियां और अन्य बॉडी पार्ट्स को तेजी से निकाल लेते हैं और फिर उसी टाइगर का मांस आपस में बांटकर सारे सबूत मिटा देते हैं. इसके बाद खाल और बॉडी पार्ट्स को विदेश पहुंचाने के लिए अन्य तस्करों से संपर्क करते हे।
निरीक्षण दल में प्रदीप लोधी वनपाल ,शरद शर्मा वन रक्षक, विकास साहू वन रक्षक ,सद्दाम खान, वन रक्षक,शिखा दांगी वन रक्षक,निर्मला इमने वन रक्षक शामिल हे।