-अधिकारियों की बेरूखी नही हुई सही मॉनिटरिंग, अधूरे मैदान को पूरा बता रहे अधिकारी
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
बीते 2 वर्षो से नगर के वार्ड 12 ग़ैरतपुर क्षेत्र में करोड़ो की लागत से बनाये जा रहे खेल ग्राउंड का निर्माण एजेंसी द्वारा बड़े स्तर पर घटिया निर्माण किया जा रहा है। अभी तक का जितना में निर्माण हुआ है वह बनते ही जर्जर अवस्था मे आ गया है। मैदान का कार्य अधूरा होने के बाबजूद अधिकारी इसे पूरा बताकर उद्घाटन कराने की फ़िराक में है।

खेल एवं युवा कल्याण मध्यप्रदेश द्वारा नगर के युवाओं को नगर के वार्ड 12 ग़ैरतपुर में 1 करोड़ 63 लाख की लागत से बनाये जा रहे आउटडोर स्टेडियम में निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। इसका निर्माण पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा एजेंसी मेसर्स आरसी अग्रवाल द्वारा कराया जा रहा है। मैदान के निर्माण में पूर्व से कछुआ चाल रही वही गुणवत्ता में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। वर्तमान में मैदान के चारो तरफ लगाए गए ब्लॉग एवं पत्थर उखड़ने लगे है। हालात यह है कि मैदान का निर्माण रंगाई पुताई तक ही सीमित रखकर इसे पूर्ण होना विभाग द्वारा दर्शाया जा रहा है। वही मैदान के चारो तरफ बनी गई नाली एवं अन्य कार्य अधूरा है। कार्य की प्रगति धीमी एवं गुणवत्तापूर्ण नही होने के आरोप प्रारंभिक दौर से यहां के जनप्रतिनिधियों द्वारा लगते रहे है। हाल ही में निर्माण एजेंसी द्वारा मैदान क्षेत्र में किया कार्य गुणवत्ताहीन किया है यहां बनाया गया भवन की हालत खराब है तो लगाए गए ब्लॉग उखाड़ने लगे है।। निर्माण एजेंसी ने मैदान के बड़े क्षेत्र में बाउंड्रीवाल का कार्य नही किया जिससे यहां गंदगी का आलम है। मैदान का कार्य भी धीमी रफ़्तार से है। गौरतलब है कि नगर के खेल प्रेमियों को बनाया जाने वाला बहुप्रतीक्षित खेल मैदान इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता जाएगा उन्हें उम्मीद नही थी।

डेढ़ करोड़ की लागत फिर भी राशि कम होने का रोना
मैदान निर्माण के लिए शासन स्तर से एक करोड़ 63 लाख की लागत खर्च की जाना थी। परंतु निर्माण एजेंसी ने नाममात्र की राशि खर्च की तथा अब निर्माण की राशि कम होने का रोना रोया जा रहा है। तकनीकी जानकारों की माने तो मैदान के आधे से कम हिस्से में बनाई गई बाउन्ड्रीवॉल की लागत, भवन निर्माण, मैदान समतलीकरण सहित छोटे मोटे कार्यो में लगभग 50 लाख की लागत ही खर्च हो सकती है। फिर कैसे राशि कम होने का हवाला देकर निर्माण एजेंसी ने काम रोक दिया। नगरवासियों ने बताया कि जिला स्तर के अधिकारियों एवं ठेकेदार के बीच लंबी साठगांठ है जिसके चलते राशि बढ़ाने और बची हुई राशि को कागजी खानापूर्ति में खर्च करने की बड़ी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने मैदान के निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मैदान में है कमी
मैदान की गुणवत्ता ठीक नही। अभी मैदान का निर्माण पूर्ण नही हुआ है। मेरे द्वारा निर्माण के लिए जिम्मेदार जिलाधिकारियों को बराबर अवगत कराया गया है।
प्रतिभा सिंह, खेल अधिकारी