-38 को भेजा जेल, एक बीमार, एक बरी, 9 अभियुक्तों की हो चुकी है मौत
-आईआरडीपी बीमा योजना में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र देकर निकाली थी 72 लाख रुपए की राशि
5 से 3 साल तक की सुनाई गई सजा वर्ष 1998 मं हुआ था मुकदमा दर्ज
अनुराग शर्मा सीहोर
27 साल पुराने एक मामले में सीहोर जिला सत्र न्यायालय में 39 लोगों को सजा सुनाई। 38 लोगों को जिला जेल सीहोर भेजा गया तो एक अभियुक्त काफी बीमार है जो अस्पताल में भर्ती है, इस प्रकरण में एक आरोपी को बरी किया गया है। वही इस प्रकरण में केस के दौरान 9 आरोपियों की मौत हो चुकी हैं।

खास बात यह है कि आरोपी अब वृद्ध हो चुके हैं।
सीजेएम अर्चना नायडू बोर्डे ने यह फैसला सुनाया है। वर्ष 1998 का है जहा आईआरडीपी बीमा योजना में सीहोर, शाजापुर और राजगढ़ जिलों में जिला सहकारी बैंक समितियों में फर्जी दस्तावेज लगाकर ७२ लाख रूपए की राशि का आहरण किया था।

समितियों में जिम्मेदार लोगों ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र देकर बीमा क्लेम राशि का आहरण किया था। जिसकी शिकायत पूर्व सारंगपुर थाने में की गई थी। बाद ईओडब्ल्यू में की गई थी। इस पूरे प्रकरण में १४८५ खातों की जांच की गई थी। इसमें बीमा कंपनी एलआईसी और सैंट्रल बैंक को नोडल एजेंसी बनाया गया था। जिला सहकारी बैंक,साख सहकारी समितियां और एलआईसी के अधिकारियों को यह सजा सुनाई गई है।