Let’s travel together.

शिवपुरी जिले से गए आदिवासियों को महाराष्ट्र में बंधुआ बनाया , आठ लोग और सात बच्चे बने बंधक

0 74

-सहरिया क्रांति ने पुलिस को दी सूचना , तत्काल मदद की अपील
शिवपुरी। करेरा तहसील के ग्राम मुजरा में स्थित एक कृषि फार्म में 8 आदिवासी मजदूरों और उनके सात बच्चों को बंधक बना लिया गया है। इस मामले में पीड़ितों ने स्थानीय प्रशासन से सहायता की मांग की है। पीड़ित मजदूरों ने आरोप लगाया है कि अशोक पटेल नामक व्यक्ति ने उन्हें धोखे से अपने फार्म पर बुलाया था और अब उन्हें वहाँ से बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, धमकी दी जा रही है कि अगर उन्होंने 50,000 रुपये की रकम नहीं दी तो उन्हें वापस घर नहीं जाने दिया जाएगा
रामचरण आदिवासी, जो इस घटना के प्रमुख पीड़ितों में से एक हैं, ने सहरिया क्रांति संयोजक संजय बेचैन को बताया कि वे सभी विभिन्न ग्रामों से काम करने के लिए आए थे। उनके साथ अन्य मजदूरों में बबलू, सुमन, रामेती, खेरू, उम्मेद, हरिबिलास, सुदामा, सपना और उनके सात छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इन सभी को शंकर पटेल और नारायण पटेल नामक दो व्यक्तियों ने पहले तो नौकरी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब वे उनके साथ बुरी तरह मारपीट कर रहे हैं और बंधक बनाए हुए हैं।

रामचरण ने आगे कहा, “हमें मजदूरी नहीं दी जा रही है, बल्कि हमें बंधुआ मजदूरी के तहत काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हमें धमकी दी जा रही है कि अगर हम 50,000 रुपये नहीं देंगे तो हमें यहाँ से जाने नहीं दिया जाएगा। हमें देसी हथियारों से धमकाया गया है और हमारा शारीरिक उत्पीड़न भी किया जा रहा है।”
पीड़ितों ने इस मामले में अपनी समस्याओं को लेकर शिवपुरी के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया है और प्रशासन से उनकी तुरंत मदद की अपील की है। रामचरण आदिवासी ने कहा, “हमारी स्थिति बहुत ही दयनीय है, और हम प्रशासन से विनम्र निवेदन करते हैं कि वे हमारी मदद करें और हमें इस उत्पीड़न से मुक्त कराएं।”
ग्राम मुजरा में इस घटना की सूचना मिलने के बाद, सहरिया क्रांति सदस्य रामक्रष्ण पाल , संतोष जाटव , अनुराग दिवेदी ,अजय आदिवासी , स्वदेश आदिवासी आदि ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस थाना को भी सहरिया क्रांति सदस्यों के साथ जाकर परिजनों ने दी है । ग्रामवासी चाहते हैं कि इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में बबलू, सुमन, रामेती, खेरू, उम्मेद और उनके बच्चों के लिए अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है, और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन शीघ्र इस गंभीर मामले का समाधान करेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

गुलगांव के जंगल में आबकारी विभाग की दबिश, 3 हजार किलो महुआ लाहन बरामद     |     सृजन संवाद’: मंडीदीप में एसडीओपी ने बच्चों और पालकों के साथ की चर्चा     |     FLN प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का शुभारंभ, शिक्षकों को साक्षरता कार्यक्रम की दी जानकारी     |     विधायक अनुज शर्मा ने पत्नी सहित लिया मरणोपरांत अंगदान का  संकल्प     |     सेवा से संकल्प माह में  सराहनीय सहभागिता,150 महिला एवं पुरुषों ने किया रक्तदान     |     रायसेन में मंदिर पुजारी को हटाने की मांग, सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन     |     बृजगोपाल लोया बने भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी     |     सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास फतेहपुर में मनाया गया विश्व साइन लैंग्वेज डे     |     किसान का गेहूं ग्रेडिंग पास, गरीब की थाली में सड़ा कंकड़! बाड़ी PDS में सरकारी सिस्टम का घिनौना खेल उजागर     |     पुरानी मजदूरी के पैसों को लेकर हुआ विवाद, चाकू से हमला कर युवक की हत्या; चंद घंटों में तीन आरोपी गिरफ्तार     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811