मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे18 पर स्थित बालमपुर घाटी पर गुरुवार को सुबह 9 बजे ट्राला और पिकअप वाहन में आमने-सामने भिंडत हो गई। जिससे ट्राला रोड के बीचों बीच घाटी पर खड़ा हो गया। वही एक ट्रक दूसरी तरफ पहले से ही खराब हुआ खड़ा था दोनों ट्रकों के खराब होने और ट्रक और पिकअप की टक्कर के कारण घाटी पर लंबे जाम की स्थिति निर्मित हो गई। वही एक स्कूटी चालक भी ट्रक के पीछे से घुस गया हालांकि स्कूटी सवार को ज्यादा चोट नहीं आई है। ट्रक और पिकअप वाहन की टक्कर से दोनों तरफ करीब 6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वही दोनों वाहन आगे से क्षतिग्रस्त हो गए। जाम बालमपुर घाटी के ऊपर भदभदा तक ,बालमपुर घाटी के नीचे देहरी तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जिस कारण रोड पर चलने वाले राहगीर 4 घंटे तक परेशान होते रहे। दोपहर 12 बजे पुलिस द्वारा जेसीबी से वाहनों को रोड से अलग हटाया गया। तब जाकर दोपहर 1बजे जाम खुलने लगा।

बता दें कि भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर एकमात्र बालमपुर की घाटी एक ऐसी घाटी है जहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है इसके दोनों ओर 10 फीट गहरी खाई होने के कारण अक्सर इस घाटी ट्रक खाई में पलटते रहते हैं घाटी के दोनों ओर हरे भरे पेड़ लगे हुए हैं एक अंधा मोड़ है इस मोड़ पर वहान चालक को चढ़ते और उतरते समय पेड़ की आड में दूसरा वाहन दिखाई नहीं देता जिस कारण दुर्घटना होती रहती है बालमपुर घाटी के दोनों तरफ एमपीआरडीसी द्वारा रेलिंग लगाई गई थी। रेलिंग लगाए हुए 6 महीने भी नहीं हुए थे कि दुर्घटनाओं के कारण पूरी रेलिंग टूट कर नीचे जमीन पर धराशाई हो गई है अगर अब कोई वाहन घाटी पर दुर्घटना का शिकार हुआ तो सीधे 10 फीट गहरी खाई में जाएगा।

इनका कहना हे
बालमपुर घाटी पर हर एक-दो दिन में हादसे होते रहते हैं मैं बालमपुर घाटी पर ही रहता हूं मैं अक्सर देखता हूं कि कई वाहन उतरते और चढ़ते समय पलटी खा जाते हैं जिस कारण अभी तक कई लोग घायल हो चुके हैं।
विनोद सिसोदिया बालमपुर घाटी
निवासी
बालमपुर घाटी को खूनी घाटी कहा जाने लगा है क्योंकि भोपाल विदिशा हाईवे पर सबसे ज्यादा दुर्घटना बालमपुर घाटी पर होती है। इस घाटी पर ज्यादातर ट्रक पलटते हैं जिसमें अभी तक कई लोग घायल हो चुके हैं तो वही कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
संतोष सिसोदिया बालमपुर घाटी निवासी