-धेनु मानस कथा सत्संग विश्राम दिवस पर की गई महाआरती
उदयपुरा रायसेन।श्री रामचरितमानस विद्यापीठ के तत्वाधान में आयोजित गौसंवर्धन, संरक्षण, संत, ग्रंथ ,संदेश यात्रा अंतर्गत धेनु मानस कथा का विश्राम दिवस ओशो जन्मस्थली ग्राम कुचवाड़ा में विश्राम दिवस पर आयोजित सत्संग सभा आयोजित कर हुआ, इस अवसर पर मानस आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने बताया कि धर्म की मूल में गाय माता है, गाय रहेगी तभी धर्म बचेगा, राक्षसी प्रवृत्ति के लोग पहले गाय को नष्ट करते हैं ,रावण के राज्य में पहले गौ माता को ही नष्ट किया गया, कृष्ण अवतार में भगवान कृष्ण ने गोपालन के महत्व को बताया ,हमारे ग्रंथ गौ गव्य एवं गोदान के महत्व से भरे पड़े हैं, गाय की रक्षा और सुरक्षा हमारे जीवन की सुरक्षा है ,गाय पशु श्रेणी में नहीं आती देव श्रेणी में आती है, वह चलता फिरता देवालय है।

तुलसी मानस भारती पत्रिका के संपादक देवेंद्र रावत, ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति से लेकर विश्व की समस्या का समाधान गौ माता के पास है, हर स्तर पर की जा रही गौ माता की उपेक्षा धर्म के विपरीत है, गाय सड़क पर और कुत्ता घर के अंदर,यह वेदना का विषय है, मानस विद्यापीठ अध्यक्ष चतुरनारायण रघुवंशी ने बताया गौ यात्रा मैं संत, ग्रंथ के संदेशों को विद्वानों द्वारा जनमानस तक पहुंचाया गया, जिसमें नवयुवक जन, द्वारा प्रेरणादायक कार्य गौ सेवा के लिए किए हैं ,धेनु मानस कथा के विश्राम पर ब्रह्मचारी महाराज त्रिलोकचंद, जगतगुरु शंकराचार्य जी के शिष्य सन्यासी बाबा सिलवानी, कैलाश नारायण बाबा, आचार्य मोहित भार्गव, सुदामा प्रसाद शास्त्री ,सहित उपस्थित संत विद्वानों ने गौ भक्तों को आशीर्वाद दिया ,ग्राम के अमृतसिंह लोधी एवं भवानी सिंह रघुवंशी द्वारा यात्रा संदेशों से प्रभावित होकर अपने-अपने खलियानो की भूमि को कब्जा मुक्त कर गौ समिति को गोचारण के लिए समर्पित किये, विश्राम दिवस पर दिव्य, मंगल, महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें वीरेन पटेल ,नर्मदा प्रसाद, डीपी पाठक, राजेंद्र सोगर,भूरा मैना, घनश्याम ,सौरव ,मानसिंह लोधी बीझा,रामगोपाल,खुमान सिंह, आशुतोष शर्मा, प्रभात दुबे, बलराम सोगर, नितेश रघु ,राजेंद्र सिंह, अमन सोनी, लीलाधर लोधी, अनुज, राजा, पीयूष ,सजल, सहित बड़ी संख्या में माता बहनों ने महा आरती कर प्रसाद ग्रहण किया,