विदिशा। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में 24 सितंबर 1969 में की गई थी। इसकी स्थापना का उद्देश्य मानव जीवन में समस्त प्राणियों, समाज और पर्यावरण के प्रति सेवा भाव विकसित करने, सुदृढ़ समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते हुए स्वयं के व्यक्तित्व विकास हेतु कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं को समाज के प्रति जिम्मेदारी और नि:स्वार्थ सेवा की दिशा में प्रेरित करना है।
महाराणा प्रताप कॉलेज जॉइंट सेक्रेटरी लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया की वर्तमान में राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े विद्यार्थियों की संख्या 40 लाख से अधिक है। ये स्वयंसेवक पूरे भारतवर्ष में अपने समय, कौशल और ऊर्जा को समाज के लिए समर्पित करते हैं। नई शिक्षा नीति में एन.एस.एस. को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। एन.एस.एस. की 55वी वर्षगांठ पर महाराणा प्रताप कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए डायरेक्टर यशवंत प्रताप सिंह राठौड़ ने यह बात कही। इस अवसर पर कॉलेज प्रभारी प्राचार्य श्रीमती अंजना सिंह एवं संचालक सहित कार्यक्रम अधिकारी ने उपस्थित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र अहिरवार के मार्गदर्शन में एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों द्वारा परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया।