अभिषेक असाटी बक्सवाहा
शिक्षक एक ऐसा पद जिसे लोग सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। परंतु कुछ शिक्षक इस पद की गरिमा को मिट्टी में मिलाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। ताजा मामला तहसील बक्सवाहा क्षेत्र अन्तर्गत गढ़ीसेमरा हाई स्कूल का है। जहां आये दिन यह स्कूल किन्ही न किन्ही विवादों के केंद्र में नजर आ रहा है यहां के प्राचार्य ने आवेदक गोविंद सिंह लोधी निवासी केरवारा द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के प्रति उत्तर में लिखित में पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की धमकी दे डाली।
बक्सवाहा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गढ़ीसेमरा हाई स्कूल में, आवेदक गोविंद सिंह लोधी पिता विजय सिंह लोधी निवासी ग्राम कैरवारा ने सूचना के अधिकार के तहत, गत 23 जुलाई को वर्ष 2019 से आवेदन पत्र देकर दिनांक-23/07/2024 तक कंटरजेन्सी की आय-व्यय के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। जिसके संबंध में विद्यालय प्रशासन द्वारा उल्टे फरियादी को ही शासकीय कार्य में बाधा डालने का नोटिस थमाकर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दे डाली। इससे जाहिर है कि शिक्षक गुरु जैसे महान पद को किस प्रकार शर्मसार कर रहे हैं। अपने भ्रष्टचार पर पर्दे डालने शिक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर मनमाने ढंग से पत्राचार कर प्रशासन की कार्यप्रणाली तार तार करने पर उतारू हैं। इसके बाद अब आवेदक गोविंद सिंह लोधी ने इसकी जानकारी तहसीलदार भरत पांडे को दी है एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया को नियमानुसार अपील प्रस्तुत कर, जानकारी उपलब्ध करवाने एवं दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की है।

जिले का सबसे विवादित स्कूल
गढ़ीसेमरा हाई स्कूल अब जिलेभर के सबसे विवादित स्कूलों में से एक बन गया है, आये दिन नये- नये विवाद उपजकर सामने आ रहे हैं, पूर्व में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से एक छात्र करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुआ, तो वहीं बच्चो से बर्तन साफ करवाने का वीडियो भी इसी स्कूल से वायरल हुआ था हाल ही में अतिथि शिक्षकों ने भी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर शाला प्रबंधन पर आरोप लगाये गए थे। और अब नया मामला एक बार फिर सामने आया है।जिसमे सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में स्कूल प्रबंधन आवेदक पर मामला दर्ज़ करने की धमकी दे रहे है।
क्या कहता है सूचना का अधिकार
सूचना के अधिकार अधिनियम – 2005 के तहत कोई भी नागरिक किसी सरकारी विभाग से सूचना मांग सकता है, जिसका उत्तर 30 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है। अपील की स्थिति में, अतिरिक्त 30 दिनों का समय मिलता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
इनका कहना है ….
“आवेदन पत्र प्राप्त है, नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
-सत्यम चौरसिया, बीईओ बक्सवाहा