मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
शनिवार और रविवार सुबह तक हुई बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। उमस भरी गर्मी से राहत मिली। अमृत बनकर गिरे पानी से खेत लबालब जो गए। खेतों में पानी देख किसानों के चेहरे खिले उठे। धान की रोपाई का कार्य भारी बारिश के साथ तेज हो गई।
शनिवार से हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। कई गांवों में धान की रोपाई का कार्य पहली ही बारिश में हो गया था। लेकिन अधिकांश किसान धान की रोपाई नही कर सके थे। शनिवार की सुबह से तेज बारिश शुरू हुई। रुक-रुक तेज बारिश से गांवों में किसानों ने धान की रोपाई का कार्य काफी तेजी से करवा रहे हैं । झमाझम बारिश देख खेतों में किसान खुशी से झूम उठे।
बूंदाबांदी रविवार सुबह तक होती रही। कुछ इलाकों में झमाझम बारिश भी हुई। गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए यह बारिश सौगात से कम नहीं रही। इसके चलते तापमान में काफी कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बादल छाए रहने से सुबह का मौसम भी देर तक सुहाना रहा।

मजदूरों की कमी बनी रही आफत
आसमान से गिरे अमृत के बाद किसान धान की रोपाई में जुट गए। बारिश के पानी में छोटे से बड़े किसान सभी धान रोपाई में जुट गए। कुछ किसान इसी बारिश के पानी में रोपाई के लिए परिवार के साथ धान रोपने में जुट गए। बड़े किसानों के धान रोपने के लिए मजदूरों को खोजने में जुटे रहे। आलम यह था कि मजदूरी रेट भी बढ़ाई जा रही थी। फिर भी मजदूर नही मिल रहे थे। कई गांव तक लोग मजदूर की तलाश में दौड़ भाग करते दिखे। लेकिन जरूरत के हिसाब से मजदूर नहीं मिल सके। कारण था कि सभी मजदूरी वाले भी अपने खेतों में रोपाई में जुटे रहे। दीवानगंज सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में बाहर से मजदूरों को लाया जा रहा है। कई बड़े किसान पहले ही धान लगाने के लिए मजदूर बाहर से ले आए थे उनके खेतों में धान रोपाई का काम जोरो से चल रहा है।
मगर जो किसान बाहर से मजदूर नहीं लाए थे वह इधर-उधर मजदूर के लिए भटक रहे हैं। इसके बाद भी मजदूर नहीं मिल रहे हैं।