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प्रदेश के कारखानों में बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने हुई समीक्षा

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ओधोगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने की समीक्षा
सुरेंद्र जैन धरसींवा

प्रदेश में विगत कुछ महीनों में कारखानों में लगातार हो रही दुर्घटना एवं जनहानि को दृष्टिगत रखते हुए शासन के निर्देशानुसार कारखानों में किए जा रहे सुरक्षा व्यवस्थाओ का व्यापक रूप से समीक्षा, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के समस्त कार्यालयों द्वारा एवं संचालनालय स्तर पर किया जा रहा है।

इसी परिपेक्ष्य में  07 जून एवं 10 जून को इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर के तृतीय तल में स्थित काग्रेस हॉल में संचालनालय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन प्रभारी संचालक, श्री के. के. द्विवेदी की अध्यक्षता एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में की गई। इन दोनों बैठकों में 50 कारखानों के प्रतिनिधि एवं सुरक्षा अधिकारी उपस्थित हुए।

बैठक में प्रभारी संचालक, श्री के. के. द्विवेदी द्वारा यह जानकारी दी गई कि, किसी भी कारखाने में दुर्घटना बिना किसी कारण के नहीं होती है बल्कि दुर्घटना का कारण असुरक्षित कार्य पद्धति, असुरक्षित कार्य वातावरण, प्रशिक्षण एवं सुपरविजन का अभाव मशीनरियों की अपर्याप्त एवं निष्प्रभावी रखरखाव आदि के कारण ही घटित होती है। कारखाने में दुर्घटना न हो एवं कारखाने में कार्यरत श्रमिक सुरक्षित रहे इस हेतु कारखाना प्रबंधन को सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।

बैठक में कारखाना प्रबंधनों द्वारा किए जा रहे समस्त सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। इस प्रक्रिया में सभी कारखानों में कार्यरत श्रमिकों, ठेका श्रमिकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की व्यवस्था, जोखिमपूर्ण कार्यस्थलों में योग्यताधारी सुपरवाइजर्स की उपलब्धता एवं इनके सुपरविजन में कार्य विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों को प्रदाय किये जा रहे सुरक्षा उपकरण एवं उसके उपयोग की व्यवस्था, मशीनों के गतिमान हिस्सों में सुरक्षा आवरण की व्यवस्था, उत्बाई में सुरक्षित पहुंच मार्ग की व्यवस्था, उंबाई में कार्य किये जाने के समय रखे जाने वाली सावधानिया, कार्यस्थलों में किसी भी स्थान के खुला न होने अथवा गहरा स्थान नहीं होने एवं इसमें आवरण की व्यवस्था, ई.ओ. टी. केा, लिस्टिंग टूल्स एवं टेकल्स, प्रेशर वेसल्स आदि के सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं, कन्फाईड स्पेस में निर्धारित कार्यविधि की व्यवस्था, अग्निशमन की संपूर्ण व्यवस्था, ऑनसाईट इमरजेंसी प्लान एवं इसके अनुरूप की जा रही व्यवस्थाएं, सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति एवं इनके कार्यों की समीक्षा, सुरक्षा समिति के गठन एवं इसके कार्यविधि संबंधी व्यवस्थाएं, समस्त संवेदनशील एवं दुर्घटनाजन्य कार्यस्थलों में सुरक्षित कार्य विधि (S.O.P) विकसित करना, साईन बोर्ड में इसे प्रदर्शित करना एवं S.O.P. के अनुसार ही कार्य सुनिश्चित करना, जोखिमपूर्ण रसायन के भडारण स्थलों पर मटेरियल सेफ्टी डेटा शीट (MSDS) साईन बोर्ड में प्रदर्शित होना तथा संभावित खतरो एवं आवश्यक सावधानी की जानकारी श्रमिकों को सुनिश्चित कराना, जैसे विभिन्न बिन्दुओ पर वन-टू-वन समस्त कारखानों की समीक्षा की गई एवं सभी को कारखाना अधिनियम, 1948 सहपतित छ.ग. कारखाना नियम, 1962 के समस्त प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।

प्रभारी संचालक महोदय द्वारा कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था सृदृढ करने का आह्वाहन किया एवं भविष्य में दुर्घटना घटित न हो इसके लिए सभी कारखाना प्रबंधनों को प्रेरित किया। पूर्व में विभाग द्वारा जारी किए गए समस्त दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

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