देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
सांची अपने आप मे वर्षों पुरानी पुरासंपदा समेट हुए है इस पुरा संपदा को सुरक्षित व संरक्षित रखने का जिम्मा पुरातत्व विभाग को सौंपा गया हैं तथा पुरा संपदा को सुरक्षित संरक्षित रखने नगर मे ही पुरातत्व संग्रहालय को अस्तित्व मे लाया गया था तथा इस पुरासंपदा को सुरक्षित रखने एवं संरक्षित रखने सरकारें करोड़ों रुपये आवंटित करती है बावजूद इसके क्षेत्र भर मे बिखरी पडी पुरा संपदा से विभाग अनजान बना हुआ है ।
जानकारी के अनुसार इस नगर की पहचान एक पुरातात्विक धरोहरों को सहेजने एवं सुरक्षित संरक्षित रखने से की जाती है यह स्थल अपने आप मे ढाई हजार साल पुरानी ऐतिहासिकता समेटे हुए है इसके लिए सरकार ने पुरातत्व विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है तथा इस स्थल पर प्राप्त प्राचीन धातुओं को भी सुरक्षित संरक्षित करने पुरातत्व संग्रहालय को भी अस्तित्व मे लाया गया था जहाँ बडी संख्या मे प्राचीन धातुओं को सुरक्षित रखना गया है ।वैसे तो यह पूरा क्षेत्र ही हजारों साल प्राचीन पुरासंपदा अपने मे समेटे हुए है इस पुरा संपदा को सुरक्षित व संरक्षित रखने सरकार इस विभाग को करोड़ों रूपये आवंटित करती हैं परंतु इस राशि को कहां खर्च किया जाता है यह केवल पुरातत्व विभाग ही जानता है इतनी लंबे बजट के वावजूद भी क्षेत्र भर मे बिखरी पडी पुरा संपदा भगवान भरोसे लापरवाही के चलते बिखरी पडी है जिसकी सुध लेने की फुरसत न तो पुरातत्व विभाग न ही पुरातत्व संग्रहालय को ही हो सकी ऐसा भी नही हैं कि इस बिखरी हजारों साल पुरानी संपदा से विभाग अनजान हो ।ऐसी ही समीपवर्ती नागौरी की पहाड़ी पर खंडित भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा है यहां रहने वाले रहवासी बताते हैं कि यह प्रतिमा हजारों साल पुरानी है तथा पूर्व मे इस प्रतिमा को खंडित अवस्था मे पाया गया था तब ग्रामीणों ने इसकी प्राचीनता को देखते हुए उसी स्थान पर उसकी व्यवस्था कर स्थापित कर दिया तथा इस प्राचीन प्रतिमा की देखरेख भी ग्रामीण ही करते हैं बतायाजाता हैं यह प्रतिमा भगवान विष्णु की दिखाई देती हैं तब से इसकी पूजा अर्चना भी तीज त्योहारों पर की जाती हैं इसके पास अनेकों छोटी छोटी संपदा भी बिखरी पडी थी जिसे ग्रामीणों ने उसी स्थान पर सुरक्षित कर दिया ।बावजूद इसके भगवान भरोसे पडी प्राचीन धरोहरों से विभाग को क़ोई सरोकार नही रहा न ही इन्हें देखने की फुर्सत ही मिल सकी जिससे बिखरी पडी पुरा संपदा नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है इसके पूर्व अनेकों बार पुरातत्व विभाग के संज्ञान मे इन संपदाओं की जानकारी लाई जा चुकी थीं परन्तु न तो विभाग ही सुध ले सका न ही प्रशासन ने ही इन्हें सुरक्षित व संरक्षित रखने के प्रयास ही किए तथा यह बेशकीमती पुरासंपदा अपनी कहानी खुले आसमान के नीचे स्वयं बयां कर रही हैं ।