पाकिस्तान से आई गीता भोपाल में दे रही 08वीं की परीक्षा, समाजसेवी पूरन पटेल मुड़ियाखेड़ा ने की रहने खाने की व्यवस्था
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
ओरंगाबाद महाराष्ट्र की रहने वाली मूक बधिर गीता 9 वर्ष की उम्र में गलती से गलत ट्रेन में चढ़ने से वर्ष 2000 में पाकिस्तान पहुंच गई थी । भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के प्रयासों से वर्ष 2015 में इनकी भारत में वापसी हो सकी । गीता बोल और सुन नही पाती इस तरह से वह मूक बधिर दिव्यांग है । आनंद सर्विस सोसायटी मूक बधिर दिव्यांग बच्चों की संस्था इंदौर के ज्ञानेंद्र और मोनिका पुरोहित के विशेष प्रयासों एवं म.प्र पुलिस के सहयोग से उसके परिवार का पता लगा । गीता जनवरी 2021 से अपने परिवार के साथ रह रही है । गीता का परिवार बहुत गरीब है । इनको आनंद सर्विस सोसायटी संस्था के प्रयासों से कक्षा 8 वी में मध्य प्रदेश के राज्य ओपन स्कूल से परीक्षा देने की अनुमति मिली है । यह परीक्षाएं 21 मई 2024 से 28 मई 2024 तक राजा भोज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में चली । ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित स्वयं साथ रहकर गीता की विशेष रूप से सहायता कर रहे है । जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता श्री पूरन सिंह जी लोधी निवासी मुड़ियाखेड़ा (सांची) के द्वारा गीता के लिए भोपाल में स्थित इनके मकान में रहने,भोजन पानी की व्यवस्था की । इस दौरान पूरन सिंह के सहयोग हेतु गीता ने स्वयं मुड़ियाखेडा अपने मार्गदर्शक श्री ज्ञानेंद्र पुरोहित के साथ पहुंचकर उनको आभार प्रदर्शित किया ।मंगलवार को मुड़ियाखेड़ा से गीता अपने घर औरंगाबाद ट्रेन से जाने हेतु श्री पूरन सिंह जी एवं ज्ञानेंद्र पुरोहित के साथ भोपाल रवाना होंगी