बढ़ते तापमान के बीच जंगलों में भोजन और पानी के घटते स्रोतों ने हिंसक वन्य प्राणियों को बस्तियों की ओर रुख करने पर विवश कर दिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जंगल से भटक कर पहुंचे तेंदुओं ने बस्तियों और खेत खलिहानों में आतंक मचा रखा है। आए दिन पालतू पशुओं का शिकार कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग अब तक एक भी तेंदुए को पकड़ने में सफल नहीं हो सका है।
यहां पहले भी हो चुकी है घटना
बताया गया है कि नेपानगर की सीमा पर मनोज टाकीज के पास साड़ा कालोनी स्थित है। वहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े मकान हैं। इसके साथ ही गाय, भैस एवं अन्य मवेशी खुले में ही बंधे रहते हैं। इससे पूर्व भी कई बार तेंदुए की मौजूदगी यहां देखी गई है। पहले भी वह कुत्ते व गोवंशी का शिकार कर चुका है, लेकिन वन विभाग को कुछ नहीं मिला। नगर की सीमा से लगा होने के कारण वन्यप्राणी आसानी से आ-जा सकते हैं। आसपास खेत और जंगल के साथ ताप्ती नदी भी करीब है। रात के समय वन्य प्राणी पानी पीने के साथ ही शिकार की तलाश में यहां तक आ रहे हैं। कालोनी के लोगों ने सुरक्षा की मांग की है।
बंभाड़ा में दो पशुओं का किया शिकार
शाहपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम बंभाड़ा में मंगलवार रात करीब 12 बजे तेंदुआ किसान अरुण चौधरी के खेत में पहुंचा था। उसने वहां बंधी एक गाय और एक बछड़े का शिकार किया था। इसके बाद से गांव में दहशत कायम है। रेंजर संजय मालविया ने बताया कि गांव में मुनादी कराने के साथ ही पिंजरा व कैमरे भी लगाए गए हैं। उन्होंने भी पंजों के आधार पर वन्य प्राणी तेंदुआ होने की आशंका जताई है। बुधवार और गुरुवार को वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों ने पिंजरा स्थल का निरीक्षण किया, लेकिन तेंदुआ इसमें नहीं फंसा। खेतों के रास्तों पर वन विभाग ने बैरिकेड लगाकर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी है।