Let’s travel together.

देश में इस साल रहेगा सामान्य से ज्यादा मानसून, राहत बनेगा या आफत?

0 79

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल देश में सामान्य से ज्यादा मानसून की संभावना जताई है. यानी कि इस बार बारिश अच्छी खासी होगी. आईएमडी के महानिदेशक (डीजी) मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तहत एक जून से 30 सितंबर के बीच मानसून ऋतुनिष्ठ वर्षा दीर्घावधि औसत (लॉंग पीरियड एवरेज …एलपीए) का 106 फीसदी होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा वर्षा होने की प्रबल संभावना है. लेकिन आईएमडी प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना दिख रही है.

उनके मुताबिक इसी तरह से पूर्वोत्तरी राज्यों असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, नगालैंड और अरूणाचल प्रदेश के आसपास के इलाकों में भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि पूर्वी राज्यों- ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों व पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में भी सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है.

खैर ये तो बात हो गई मानसून से जुड़ी जानकारी की. लेकिन अब सवाल उठता है कि सामान्य से ज्यादा मानसून राहत बनेगा या आफत, क्योंकि बारिश ज्यादा हो तब भी कई सारी परेशानियां आती हैं और कम हो तब भी.

अच्छा मानसून क्या फायदा लाता है

कृषि का देश की जीडीपी में 14 फीसदी योगदान है. इस सेक्टर का जीडीपी में योगदान बढ़ेगा. अच्छी बारिश से महंगाई 0.5 फीसदी तक घटेगी. यानी यह आरबीआई के 5.3 फीसदी के अनुमान से कम 4.8 फीसदी या आसपास रहेगी. महंगाई नियंत्रित रहेगी तो आरबीआई के पास ब्याज दरें घटाने का मौका होगा. घरेलू खपत बढ़ेगी. इसका चीनी से जुड़ी कंपनियों को होगा. मानसून वैश्विक जलवायु को प्रभावित करता है. जैसे-जैसे जलवायु बदलती है, मानसून भी बदलता है.

सामान्य से ज्यादा मानसून से नदियों, जलाशयों का जलस्तर बढ़ता है. उत्पादन अच्छा रहता है. इससे बिजली संकट कम होता है. अच्छे मानसून से काफी हद तक पानी की समस्या का भी समाधान होता है. मानसून की बारिश जहां खेती, जलाशयों और नदियों को पानी से लबालब कर देती हैं वहां भीषण गर्मी से तप रहे देश को भी गर्मी से राहत मिलती है.

नुकसान क्या हैं?

सामान्य से ज्यादा मानसून के फायदे हैं तो इसके नुकसान भी हैं. ज्यादा मानसून से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियां इसमें बढ़ जाती हैं. दरअसल मौसम में होने वाले बदलाव की वजह से आर्द्रता में बढ़ोतरी होती है. यही वजह है कि मच्छरों को पनपने का मौका मिल जात है. ज्यादा बारिश होने से कई इलाकों में जलभराव या जलजमाव की स्थिती पैदा हो जाती है. कई राज्यों में बाढ़ तक आ जाती है. अच्छा मानसून कृषि के लिए अच्छा तो है ही साथ में इसका नुकसान भी है. फसलें बर्बाद हो जाती हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

आसमान से गिरा संदिग्ध यंत्र, मरखंडी गांव में मचा हड़कंप, पुलिस ने किया जब्त     |     तांबे के बर्तन में पानी पीने के सही तरीके से फ़ायदा हो, नुकसान नहीं जानें क्या है सही तरीका ?     |     जिला स्तरीय फ्लोरोसिस स्वास्थ्य शिविर एवं तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0के अंतर्गत का आयोजन      |     सांसद खेल महोत्सव समापन कार्यक्रम को लेकर भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित     |     यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के निर्विरोध अध्यक्ष बने हेमंत उपाध्याय     |     प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान भोपाल में पाँच दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ     |     राइट क्लिक::सनातनी एकता पर गहरी चोट है यूपी का यह ‘सवर्ण-संघर्ष’…अजय बोकिल     |     डोंगरगढ़ में आयोजित आचार्य श्री के द्वितीय समाधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शिवराजसिंह चौहान      |     गांव की बेटी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, गणतंत्र दिवस पर दिल्ली परेड में हुई शामिल     |     हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस, तिरंगे की शान में सजा ऐतिहासिक नगरी सांची     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811