छाया ग्रह राहु का गोचरीय परिवर्तन मेष राशि में हो रहा है। अब से 18 महीने यानी डेढ़ साल तक राहु सेनापति मंगल की राशि मेष में राहु रहेंगे। इस गोचर से कई राशियों को सकारात्मक तो कई राशियों को इसके नकारात्मक प्रभाव भी झेलने पड़ते हैं। कहा जा रहा है कि मेष, मीन, मकर, धनु और तुला ऱाशि वालों को डेढ़ साल के लिए खास तौर पर सावधान रहना होगा। राहु हर किसी की कुंडली और राशि के हिसाब से कार्य करता है। हर भाव के हिसाब से यह स्थिति अलग-अलग हो सकती है। राहु की नवम दृष्टि अष्टम भाव में हो तो पेट और पैर की समस्या देता है।
राहु के खराब होने से लीवर की समस्याएं, किडनी की समस्याएं, एलर्जी एवं इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। इसका साथ ही मस्तिष्क रोग, कब्ज, अतिसार, चेचक, कुष्ठ, कैंसर, हृदय रोग, त्वचा रोग भी खराब राहु की स्थिति दिखाती है। इसके अलावा हड्डियों की समस्या गठिया, हड्डी टूटना भी खराब राहु के कारण मिलती है। जिसकी राशि में राहु खराब होता है, वह व्यक्ति बहुत छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है। इसके अलावा राहु के खराब होने के लक्षण मानसिक तनाव, वाणी का कठोर हो जाना, गलतफहमी और आपसी तालमेल न होना हैं। राहु शांति का उपाय आपकी कुंडली और राशि में राहु की स्थिति को देखकर ही किया जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि राहु के उपाय करने से राहु काफी हद तक शांत हो जाते हैं। इनके उपाय में नारियल का उपाय बहुत ही खास है। इसके लिए प्रत्येक अमावस्या को पांच सूखे नारियल गंदे प्रवाहित जल में प्रवाह करने चाहिए। इसके अलावा अगर राहु को पूजा से शांत करना है तो मां भगवती और भैरव जी की पूजा करें। ऐसा करने से राहु शांत होते हैं। अगर रत्न आदि से राहु को शांत नहीं कर सकते इसलिए गोमेद धारण न करें। इसके अलावा ओम भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: मंत्र की माला का जाप भी शेांति प्रदान करता है। शनिवार को काला कपड़ा पहनना भी राहु शांति का उपाय है
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