मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर 30 लोगों का जत्था पैदल नर्मदा स्नान करने के लिए निकला।
ग्रहों के राजा सूर्य देव 15 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसके साथ ही 6 महीने बाद सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाएंगे. सूर्य के उत्तरायण होते ही मकर संक्रांति का पर्व शुरू हो जाएगा. इस दिन भगवान का पूजन अर्चन करने, दान पुण्य करने से 100 गुना फल की प्राप्ति होती है. मकर संक्रांति का विशेष महत्व स्नान करने का होता है. खासकर तीर्थ क्षेत्र वाली नदियों में स्नान करना बेहद ही उत्तम और सौभाग्यशाली माना जाता है. अगर ऐसे स्थान पर कोई मकर संक्रांति पर स्नान कर ले तो वह इसे अपने आप पर भगवान का आशीर्वाद के रुप में मानता है। पारंपरिक रूप से मकर संक्रांति मनाने वाले इसे डुबकी कहते है। क्षेत्र के लोग खास तौर पर नर्मदा के घाटों पर जाकर स्नान करते हैं या फिर अपने गांव के आसपास से निकली नदियां या तालाब में जाकर भी डुबकी लगा लेते है। मकर संक्रांति को नर्मदा स्नान करने के लिए बेरसिया डोंगरी से 30 लोगों का जत्था भोपाल विदिशा हाईवे 18 से नर्मदा स्नान करने पैदल निकला। जत्था में सभी लोग जय जय श्री राम के नारे लगाते हुए चल रहे थे जो 13 जनवरी शाम को नर्मदा घाट पहुंचेंगे जहां पर स्नान करेंगे।
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