अनुराग शर्मा सीहोर
हर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो इसके लिए सरकार स्वास्थ्य विभाग बड़ा बजट आवंटित कर रही है लेकिन धीरे-धीरे यह व्यवस्था स्वास्थ्य उद्योग में बदलती जा रही है पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बाद भी मरीज को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिलता मिलता ऐसे में लोग निजी अस्पतालों में महंगे उपचार कराने को बाध्य होते हैं।

उल्लेखनीय है जिला मुख्यालय पर जटिल सर्जरी और गंभीर मरीज को बेहतर उपचार मिल सके उन्हें निजी या फिर अन्य शहरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़े इसलिए करोड़ों की लागत से ट्रामा सेंटर बनाया गया यह विशेषज्ञ डॉक्टर की भी उपलब्ध है बावजूद इसके जटिल सर्जरी और हड्डियां ऑपरेशन के बराबर हो रहे हैं ऐसे में यह पदस्य विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं तो आमजन को विश्वास भी इस सास्की संस्थान से उठा रहे हैं

जबकि निजी अस्पतालों में हजारों की संख्या में ऑपरेशन किए जा रहे हैं ट्रामा सेंटर में गंभीर मरीजों को लाने ले जाने के लिए लिफ्ट तो लगाई गई थी लेकिन कुछ महीने बाद ही बंद हो गई लंबे समय से या लिफ्ट बंद पड़ी है मरीजों को उनके परिजन व्हीलचेयर स्ट्रेचर या फिर अपनी गोद में उठाकर ले जाते हैं वहीं अस्तित्व रोग मरीजों को यहां एक्सरे की फिल्म नहीं मिली थी इसलिए मोबाइल में फोटो लेकर डॉक्टर से इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है