दुबई। कोरोना महामारी को लेकर चिंताओं के कारण लगाई गई पाबंदियों को कम करने के बाद सऊदी अरब में वार्षिक हज यात्रा के इस साल कोरोना पूर्व के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। इस्लाम में हज सभी सक्षम मुसलमानों के लिए उनके जीवन में एक बार आवश्यक है। यह दुनिया के लोगों के सबसे बड़े जमावड़े में से एक का प्रतिनिधित्व करता है। महामारी से पहले हजयात्रा के लिये हर साल इस्लाम में पवित्र माने गए शहर मक्का में लाखों लोग जुटते थे। वर्ष 2019 में 24 लाख लोगों ने वार्षिक यात्रा में हिस्सा लिया था लेकिन 2020 में महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के कारण सऊदी अरब ने हजयात्रियों की संख्या को सिर्फ 1000 तक सीमित कर दिया।
यह कदम अभूतपूर्व था क्योंकि 1918 की फ्लू महामारी के दौरान भी ऐसा नहीं किया था जब दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान बीमारी से चली गई थी। वर्ष 2021 में सऊदी अरब के करीब 60 हजार निवासियों को हज यात्रा की इजाजत दी गई। पिछले साल करीब 10 लाख लोगों ने वार्षिक धार्मिक यात्रा की। लाल सागर के बंदरगाह शहर जेद्दा में सऊदी हज और उमराह मंत्री तौफीक बिन फवजान अल-रबिया ने प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की।
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