देशव्यापी श्रीसम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन के तहत जैन समाज ने राष्ट्रपति के नाम अपर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन
राजीव जैन औबेदुल्लागंज रायसेन
बीस तीर्थंकरों और अनन्त मुनियों की मोक्ष स्थल श्रीसम्मेद शिखरजी पारसनाथ पर्वत राज गिरिडीह झारखंड की स्वतंत्र पहचान पवित्रता और संरक्षण के लिए देशव्यापी श्रीसम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन चलाया जा रहा है।
इसके समर्थन में शुक्रवार को ब्लाक मुख्यालय पर दिगंबर जैन समाज ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अपर तहसीलदार लखन सोनानिया को सौंपा।
इस ज्ञापन में झारखंड राज्य के सिद्धक्षेत्र श्री सम्मेदशिखर जी को अभ्यारण पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित सूची से बाहर करने की मांग की गई।
साथ ही तीर्थ क्षेत्र को मांस मदिरा बिक्री मुक्त कर पवित्र जैन तीर्थ स्थल घोषित किया जाए। क्षेत्र में पर्वत के वंदना मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त कर वहां से वाहन संचालन बंद कराकर और दुकानें हटवाई जाए।
इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष राजीव जैन ने कहा कि झारखंड सरकार जैन तीर्थ को पर्यटन स्थल नहीं बनाएं। क्योंकि वह भूमि जैन अनुयायियों के लिए अति पवित्र है, वहां से 24 में से 20 तीर्थंकर सहित अनन्ता नन्त मुनिराज मोक्ष गए हैं। इस पवित्र भूमि को धार्मिक स्थल ही रहने दिया जाए।
इसी क्रम में समाज के महामंत्री अनिल जैन ने कहा कि यदि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो आगामी समय में जैन समाज उग्र आंदोलन भी करेगा।

इस अवसर पर समाज के पूर्व अध्यक्ष मुकेश जैन, उपाध्यक्ष विजय जैन,कोषाध्यक्ष सुनील जैन,एल सी जैन, अनुराग जैन बब्बल,अशोक शास्त्री,सुनील वर्धमान,प्रदीप जैन,अरुण जैन,मनोज जैन,नेहिल जैन,अनिल जैन,अंशुल जैन,अनुज जैन,महिला मंडल अध्यक्ष आशारानी जैन,मीना जैन,मिथला जैन,कुमारी शानू जैन,कु रानू जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उपस्तिथ थे।