ब्राह्मण समाज में नई पहल की सराहना, स्व. ब्रजेश कविश्वर की स्मृति में परिजनों ने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण
तेरहवीं पर सेवा और सामाजिक सरोकार की मिसाल, माधव उद्यान को भेंट कीं दो बेंच और परशुराम मंदिर के लिए दिए 21 हजार रुपये
विदिशा। सामाजिक सरोकार और सेवा की भावना का अनूठा उदाहरण विदिशा में देखने को मिला। स्वर्गीय ब्रजेश जी कविश्वर की तेरहवीं के अवसर पर उनके परिजनों और दामाद ने परंपरागत आयोजनों से आगे बढ़कर जनहित में योगदान देने की पहल की। परिवार की ओर से माधव उद्यान में भ्रमण करने आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दो बेंच भेंट की गईं, ताकि उद्यान में आने वाले नागरिकों को बैठने की बेहतर सुविधा मिल सके।

इस अवसर पर भगवान श्री परशुराम मंदिर एवं सर्व ब्राह्मण धर्मशाला के लिए 21 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई। इस पहल को समाज के प्रति जिम्मेदारी और दिवंगत परिजन की स्मृति को सेवा कार्यों के माध्यम से जीवंत रखने का सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।
कार्यक्रम में कविश्वर परिवार के सदस्यों के साथ नगर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। इनमें गोविंद देवलिया, प्रवीण शर्मा, अरविंद शर्मा, ओशो अमन स्वामी, अशोक शर्मा, एमएल राजोरिया सहित वरिष्ठ एडवोकेट महेंद्र जैन, कवि गोवर्धन राजोरिया, मनमोहन बंसल, राजकुमार शर्मा और श्याम तिवारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।

उपस्थित वक्ताओं ने मधुकर शर्मा और विपुल शर्मा की इस नवाचारी पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी प्रियजन की स्मृति में समाज और आम नागरिकों की सुविधा के लिए किए गए ऐसे कार्य वास्तव में अनुकरणीय हैं। इससे समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक परंपराओं को बढ़ावा मिलता है।
स्व. ब्रजेश कविश्वर की स्मृति में किया गया यह प्रयास संदेश देता है कि किसी व्यक्ति को सच्ची श्रद्धांजलि उसके नाम पर किए गए ऐसे कार्यों से भी दी जा सकती है, जिनका लाभ लंबे समय तक समाज और आमजन को मिलता रहे।