बिजली बिल बकाया होने पर नल-जल योजनाओं के कनेक्शन कटने शुरू, एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों में गहराया जल संकट
फरवरी-मार्च से पंचायतों को बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी
भुगतान नहीं होने पर बिजली कंपनी ने शुरू की कार्रवाई; कई गांवों में पानी की सप्लाई प्रभावित
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं पर बिजली बिल का बकाया भारी पड़ने लगा है। पंचायतों द्वारा बिजली बिल का भुगतान नहीं किए जाने के कारण बिजली कंपनी ने नल-जल योजनाओं की बिजली लाइन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे एक दर्जन से अधिक पंचायतों में नल-जल योजना के पंप बंद होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार अभी तक पंचायतों में संचालित नल-जल योजनाओं की बिजली का बिल पीएचई विभाग द्वारा जमा किया जाता था, लेकिन फरवरी-मार्च से पंचायतों को ही बिजली बिल का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद से कई पंचायतों ने अब तक बिजली बिल जमा नहीं किया। लगातार बिल बकाया रहने के कारण बिजली कंपनी ने कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अंबाडी सहित कई पंचायतों की बिजली कटी
सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत अंबाडी के गांव सत्ती, मेढ़की, कुलहड़िया, सलामतपुर, राजीव नगर और खोह सहित एक दर्जन से अधिक पंचायतों में नल-जल योजना की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली कनेक्शन कटने से पानी की टंकियों में मोटर के माध्यम से पानी नहीं चढ़ पा रहा है और ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना शुरू होने के बाद लोगों को घरों तक पानी मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन बिजली कनेक्शन कटने से योजना ही बंद होने की स्थिति में पहुंच गई है। ऐसे में ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

कई और पंचायतों की बिजली काटना बाकी
बताया जा रहा है कि फरवरी-मार्च से अब तक कई पंचायतों ने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है। बकाया राशि बढ़ने के कारण बिजली कंपनी द्वारा चरणबद्ध तरीके से कनेक्शन काटे जा रहे हैं। एक दर्जन से अधिक पंचायतों की बिजली काटी जा चुकी है, जबकि कई अन्य पंचायतों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई अभी शेष है।
यदि समय रहते पंचायतों द्वारा बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और भी नल-जल योजनाएं बंद हो सकती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और गंभीर होने की आशंका है।
पंचायत और पीएचई के बीच जिम्मेदारी का असर ग्रामीणों पर
नल-जल योजना की बिजली का भुगतान पहले पीएचई विभाग द्वारा किए जाने के कारण पंचायतों पर सीधे बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी नहीं थी। अब पंचायतों को स्वयं बिजली कंपनी को बिल का भुगतान करना है। जिम्मेदारी बदलने के बाद कई पंचायतों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किए जाने से इसका सीधा असर ग्रामीणों को मिलने वाली पेयजल सुविधा पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित पंचायतें बकाया बिजली बिल का तत्काल भुगतान करें और पीएचई विभाग व प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को जल्द शुरू करवाए, ताकि गांवों में पेयजल संकट न गहराए।
इनका कहना हे
एक दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं आगे भी बिजली काटने का कार्य चल रहा है पंचायत ने कई महीनो से बिजली का बिल जमा नहीं किया है। कई पंचायतों में फरवरी मार्च से बिल नहीं भरा है। बिल ज्यादा होने के कारण कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।
मनीष कुमार जूनियर इंजीनियर बिजली कंपनी