लोगों में आक्रोश
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
नगर के एकमात्र भोपाल रोड़ स्थित प्रचलित शमशान घाट से लगकर निकला पलकमती नाले का नगरपालिका द्वारा करीब 50 लाख की लागत से नवनिर्माण 6 माह पूर्व ही कराया था लेकिन कल रविवार की वर्षा में नाले का नवनिर्माण कई जगह से भरभराकर गिरकर धराशायी हो गया है।
जैसे ही आसपास के रहवासियों ने नाले के ढ़हने की खबर सुनी तो भीड़ लग गई और श्मशान घाट की देखरेख करने वाले भी पहुंच गए। सभी ने ठेकेदार की गलती बताते हुए पुर्ननिर्माण की मांग की जाने लगी है।

आप को बता दें कि प्रति वर्ष पलकमती नाले का जलभराव दशहरा मैदान के आसपास एवं पीछे निवासरत लोगों के घरों में भर जाता है जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान होता था। तब रहवासियों की मांग पर नगरपालिका परिषद द्वारा उक्त पलकमती नाले का निर्माण दशहरा मैदान के पीछे से लेकर श्मशान घाट से लगकर पीछे सरस्वती मंदिर तक कराया गया है।
नाला निर्माण हुए 6 माह हुए हैं और इस बार मौसम की केवल एक बार भी जोरदार वर्षा में नवनिर्मित नाले के स्तर की पोल खुल गई।

नाले की सपोर्ट बॉल बाउंड्री कई जगह से टूट कर गिर गई है तो कई जगह से उसमें दरें भी पड़ गई हैं रहवासियों का आरोप है कि नव निर्माण की पॉल पहले ही बारिश में खुलने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता का पता चलता है उन्होंने मांग की है कि पुनर्निर्माण गुणवत्तापूर्ण कराया जाए ताकि भविष्य में फिर किसी प्रकार से बाउंड्री वॉल टूटने की नौबत ना आए।
इस संबंध में मुख्य नगरपालिकाधिकारी राजेंद्र शर्मा का कहना है कि जांच करवा रहे हैं। संबंधित ठेकेदार से उसी के खर्चे से फिर से गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।