सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले की गैरतगंज तहसील में सोमवार को जैन समाज द्वारा भगवान महावीर स्वामी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। गैरतगंज नगर, कस्बा गढ़ी एवं देहगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जैन मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों को स्मरण करते हुए विभिन्न स्थानों से भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें समाज के सभी वर्गों के लोग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।

गैरतगंज के बड़े जैन मंदिर से निकली शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई। वहीं, कस्बा गढ़ी के जैन मंदिर से भी शोभायात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से गुजरते हुए मंदिर परिसर में समाप्त हुई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान महावीर स्वामी के मूल संदेश “जियो और जीने दो” पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव को जीने का समान अधिकार है, चाहे वह मनुष्य हो, पशु हो या सूक्ष्म जीव। सभी प्राणियों के प्रति दया, करुणा और सह-अस्तित्व की भावना रखना ही सच्चा धर्म है।

वक्ताओं ने अहिंसा परमो धर्म के महत्व को भी रेखांकित करते हुए बताया कि अहिंसा का अर्थ केवल शारीरिक हिंसा से बचना ही नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म से किसी को आहत न करना भी है। क्रोध, घृणा और प्रतिशोध की भावना से दूर रहकर प्रेम, दया और सहिष्णुता को अपनाना ही महावीर स्वामी के उपदेशों का सार है।
इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने संकल्प लिया कि वे महावीर स्वामी के बताए मार्ग पर चलकर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देंगे।