गैस सिलेंडर की कमी के बीच एक शिक्षक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करना महंगा पड़ा, विधायक की शिकायत के बाद सस्पेंड
– पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री कर वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था
– जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षक को निलंबित किया, दूसरे विकासखंड में अटैच किया
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले में शिक्षा विभाग में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा इस समय घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के चलते बने माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करना महंगा पड़ गया। संबंधित शिक्षक को मिमिक्री करने पर सस्पेंड कर दिया गया है। जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षक साकेत पुरोहित को सस्पेंड कर दिया है।
पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री कर सोशल मीडिया पर डाला था वीडियो–
जिस शिक्षक को सस्पेंड किया गया है वह पोहरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय आदिवासी मोहल्ला सेमरखेड़ी (संकुल केंद्र बैराड़) का है, जहां साकेत पुरोहित प्राथमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। प्राथमिक शिक्षक साकेत ने हाल ही में एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कटाक्ष किया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित शिक्षक पर यह कार्रवाई की गई है।

भाजपा विधायक की शिकायत के बाद शिक्षक सस्पेंड-
पीएम नरेंद्र मोदी की एक शिक्षक के द्वारा मिमिक्री किए जाने के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने इस मामले में शिकायत की। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने जिला शिक्षा अधिकारी से इसकी शिकायत की। शिकायत में शिक्षक पर जनप्रतिनिधि की मिमिक्री करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। यह शासकीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।

शिक्षा अधिकारी ने सस्पेंड करने के बाद दूसरे ब्लॉक में किया अटैच-
शिकायत की जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने पाया कि शिक्षक साकेत पुरोहित का यह कृत्य सरकारी कर्मचारियों के आचरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। इसी वजह से मध्यप्रदेश सिविल सेवा के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान साकेत पुरोहित का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बदरवास तय किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा।