रायसेन। माननीय न्यायालय – चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, रायसेन जिला रायसेन द्वारा आरोपी राजू उर्फ राकेश अहिरवार आत्मज स्वा. कुंजीलाल, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम राबदा टोला, बनगवां, थाना कोतवाली जिला रायसेन को भारतीय न्यााय संहिता की धारा 64(2) एफ के अपराध में आजीवन कारावास एवं 1000/- रुपए अर्थदण्ड एवं बीएनएस की धारा 108 के अपराध में 07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस मामले में शासन की ओर से श्री लखन सिंह ठाकुर, अपर लोक अभियोजक जिला रायसेन ने पैरवी की।
घटना के अनुसार 22 अप्रैल 25 को मृतिका की अपनी ससुराल में फांसी लगने के कारण मृत्यु हो जाने से उसके पति द्वारा थाने पर इस आशय की मर्ग सूचना लिखवाई कि उसके घर में वह, उसकी पत्नी/ पीडि़ता एवं बड़ा भाई (आरोपी) तीनों साथ में रहते थे। 22.अप्रैल.2025 को ही सुबह करीब दस बजे उसके भाई राकेश अहिरवार द्वारा जमीन बटवारें को लेकर हंगामा करने से वह घर से दूर खेत तरफ चला गया था। दिन में करीब 12 बजे जब वह घर वापस लौटा एवं देखा कि उसके घर का दरवाजा बाहर व अंदर से बंद था, खिड़की टूटी हुई थी, तो उसने अपनी पत्नी को आवाज लगायी, घर के अंदर से कोई आवाज नहीं आयी, तब उसने पड़ौसी रघुवीर एवं बड़ी मम्मी रामकली बाई को बुलाया तथा 100 डायल पर पुलिस को सूचना दी। सभी के आने पर उसने टूटी खिड़की से घर के अंदर जाकर देखा तो उसकी पत्नी जमीन पर मृत पड़ी थी कुछ बोल नहीं रही थी उसके गले, स्तन पर चोट के निशान थे बगल में रस्सी का टुकड़ा पड़ा था एवं एक रस्सी का टुकड़ा छत के पाईप से लटका था एवं वही पर एक सब्जीे काटने का चाकू था उसने घर के अंदर सभी जगह देखा तो घर के पीछे वाले कमरे में जीने के पास उसका बड़ा भाई राजू छिपा बैठा था। फरियादी की उक्त सूचना के आधार पर थाना कोतवाली रायसेन में अपराध क्रमांक 230/ 25 पंजीबद्ध किया गया।
उक्त प्रकरण में आरोपी राजू उर्फ राकेश अहिरवार द्वारा अपने छोटे भाई की नव विवाहिता पत्नी के साथ जबरदस्ती़ बलात्कार जैसा घृणित अपराध किया है, जिससे मानसिक रूप से प्रताडि़त होकर उसके भाई की पत्नी/ पीडि़ता द्वारा तुरंत ही आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। ऐसी स्थिति में अपराध की प्रकृति और प्रकरण की परिस्थतियों को देखते हुए मान. न्याया. द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया है।अनुसंधान के दौरान अनुसंधान अधिकारी ने घटनास्थाल पर जाकर नक्शामौका, विडियोग्राफी पंचनामा बनाया।
प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं दलीलों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत अभियोजन साक्षियों की साक्ष्य विश्व्षनीय पायी जाने के आधार पर, यह प्रमाणित माना की अभियोक्त्रीि के साथ बलात्का्र किया गया है। उक्त के आधार पर मान. न्याया. द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।
न्यूज सोर्स- श्रीमती किरण नंदकिशोर मीडिया प्रभारी जिला रायसेन मप्र