सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
सड़क चौड़ीकरण के कार्य की धीमी गति और लापरवाही ने गैरतगंज नगरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले एक वर्ष से चल रहे निर्माण कार्य के चलते शहर की सड़कों पर धूल के गुबार छाए रहते हैं, जिससे लोगों की हालत खराब हो गई है। हालात इतने बदतर हैं कि 24 घंटे पूरा नगर धूल की मोटी परत में ढका रहता है।
नगर में 5 किलोमीटर के क्षेत्र में एमपीआरडीसी द्वारा बीते वर्ष से भोपाल-सागर मुख्य सड़क मार्ग पर चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है। निर्माण ठेकेदार ने सड़कों को खोदकर लंबे समय तक खुला छोड़ दिया है, जिसके कारण दिन-रात धूल के गुबार उठते रहते हैं। धूल के कारण दिन के समय भी दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि वाहन चालकों को लाइट जलाकर निकलना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या 2 किलोमीटर के भोपाल-सागर मुख्य सड़क मार्ग और बस स्टैंड क्षेत्र में बनी हुई है।

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
हवा में धूल का स्तर बढ़ने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। धूल के बारीक कण सांसों के जरिए शरीर में जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नगरवासी एलर्जी, खांसी, दमा, सांस लेने में तकलीफ, खुजली और फेफड़ों में इंफेक्शन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पैदल चलने वाले और बाइक सवार लोगों की आंखों में धूल जाने से जलन की समस्या आम हो गई है। धूल के कारण दुकानदारों की दुकानदारी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को मुश्किल हो रही है और सड़क पर ठीक से न दिख पाने के कारण वाहनों के आपस में टकराने का खतरा भी बढ़ गया है।
शिकायत के बावजूद अधिकारी मौन
स्थानीय लोगों ने कई बार इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई निराकरण नहीं किया जा रहा है। नगरवासियों का आरोप है कि निर्माण ठेकेदार द्वारा धूल की समस्या के निदान के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। न तो सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, और न ही धूल नियंत्रण के लिए कोई अन्य कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों ने जल्द से जल्द इस समस्या को दूर करने की मांग की है।