सैम्पल लेने की प्रक्रिया को बताया गया पूर्णतः गलत
अनुराग शर्मा सीहोर
सीहोर की प्रतिष्ठित डेयरी प्रोडक्ट्स निर्माता कंपनी जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स को एक बार और न्यायालय से बड़ी राहत प्राप्त हुई है।
यह मामला “मिक्स बटर” के एक सैंपल की जांच से संबंधित था, जिसे FSSAI अधिकारियों द्वारा 27 सितम्बर 2023 को कंपनी के संयंत्र से एकत्र किया गया था। आरोप लगाया गया था कि नमूना तय मानकों पर खरा नहीं उतरा, लेकिन न्यायालय में चली सुनवाई में यह स्पष्ट हुआ कि सैंपलिंग प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियाँ हुईं,
न्यायालय ने यह भी माना कि FSSAI ने बिना उचित प्रमाणों के जल्दबाज़ी में लाइसेंस रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने का आदेश दिया, जो कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण और अवैध था।
न्यायालय ने दिनांक 18 जुलाई 2025 को सुनाए गए निर्णय में स्पष्ट रूप से कहा कि कंपनी के फैक्ट्री से लिए गए बटर के सैम्पल की प्रक्रिया गलत तरीके से की गई थी, और यह नियमों के अनुरूप नहीं थी।
इस आधार पर न्यायालय ने 31 जनवरी 2025 को पारित दंडात्मक आदेश को रद्द करते हुए कंपनी को पूरी तरह दोषमुक्त घोषित किया।
इनका कहना हे
हम शुरू से ही खाद्य गुणवत्ता और नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करते आ रहे हैं। यह निर्णय हमारे लिए न केवल न्याय की जीत है, बल्कि उन लाखों ग्राहकों के विश्वास की भी पुष्टि है जो हमारी गुणवत्ता पर भरोसा करते हैं।
– किशन मोदी, निदेशक, जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि.