अनुराग शर्मा सीहोर
राजनीति है ही ऐसी बला, इसमें हरदम वर्चस्व स्थापित नहीं रहता है। जैसा कि इन दिनों जिले की आष्टा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी विशेष में देखने को मिल रहा है। आष्टा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी विशेष में राजनीति के एक से एक अनुभवी धुरंधर है, जिनका लंबे समय तक वर्चस्व रहा, पूछ परख रही। लेकिन वर्तमान में देखने में आ रहा है कि पार्टी विशेष के यह अनुभवी करीब आधा दर्जन जनप्रतिनिधि मौन हैं, सक्रिय राजनीति से दूर हैं।
आष्टा विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आष्टा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में पार्टी विशेष में केवल दो नेताओं का ही वर्चस्व हैं। अनुभवी नेताओं को मान सम्मान का अभाव रहा, नतीजतन वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने आपको सक्रिय राजनीति से दूर कर लिया है और समय का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह आष्टा शहर की राजनीति में हर दम सक्रिय रहने वाले एक युवा नेता भी इन दिनों राजनीति से ओझल नजर आ रहे हैं। बहरहाल अनुभवी और सक्रिय जनप्रतिनिधियों की यह अनदेखी और राजनीति से दूरी क्या गुल खिलाएगी यह तो समय के गर्त में है।