-जिला सहकारिता विभाग का मामला
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले की गैरतगंज तहसील क्षेत्र के एक किसान को जिला सहकारिता विभाग द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी नही दी जा रही है यही नही अपीलीय अधिकारी के द्वारा पारित आदेश को मानने से भी विभाग द्वारा इंकार कर दिया है। अधिकारियों द्वारा सभी नियमों को ठेंगा दिखाकर इस अधिनियम में पलीता लगाया जा रहा है।
गैरतगंज क्षेत्र के सहकारी विपणन संस्था के संबंध में कुछ बिंदुओं के आधार पर तहसील क्षेत्र के ग्राम पटी के किसान मुकेश धाकड़ द्वारा रायसेन सहकारिता कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दिनांक 14 नवम्बर 2024 को आवेदन प्रस्तुत किया था। उनके द्वारा गैरतगंज विपणन सहकारी संस्था में हुई गड़बड़ियों, व्यवस्थाओं के संबंध में 4 बिंदुओं के आधार पर जानकारी मांगी थी। उन्होंने कार्यालय में लोकसूचना अधिकारी अनुराग भल्ला को आवेदन प्रस्तुत किया पर उन्होंने समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नही कराई। बाद में किसान द्वारा दिनांक 26 दिसंबर 2024 को भोपाल स्थित सयुंक्त आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्था सहकारी विभाग में अपील प्रस्तुत की। जिस पर अपीलीय अधिकारी ने 16 जनवरी 2025 को आदेश पारित कर संबंधित किसान को 15 दिवस के अंदर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस पूरी कार्यवाही के बावजूद रायसेन सहकारिता कार्यालय ने आवेदक को जानकारी उपलब्ध नही कराई।

जानकारी देने के बजाय भड़क गए अधिकारी
आवेदक मुकेश धाकड़ ने बताया कि अपीलीय आदेश की समय सीमा निकल जाने के बाद जब आवेदक ने रायसेन कार्यालय के लोकसूचना अधिकारी अनुराग भल्ला से संपर्क किया तो वे जानकारी देने के बजाय उन पर बुरी तरह भड़क गए तथा आवेदक को धमकियां देने लगे। उन्होंने कहा कि जहां शिकायत करना हो कर दो मुझे किसी बात की परवाह नही। हैरत की बात है कि शासन द्वारा पारित सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 को किस तरह निचले स्तर पर अधिकारी ठेंगा दिखा रहे है यह प्रकरण इसका जीता जागता उदाहरण है। इस मामले में आवेदक ने एक बार फिर अपीलीय कार्यालय के लिए लिखित आवेदन भेजा है। उधर सहकारिता के अनुराग भल्ला का कहना है उनके द्वारा जानकारी भेजी गई है जिसके प्रमाण उनके पास है।